कांकेर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव राजेश तिवारी ने बिजली दरों में बढ़ोतरी, स्मार्ट मीटर लगाने और प्रस्तावित प्रीपेड व्यवस्था के विरोध में प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाने की घोषणा की

Chhattisgarh Crimesकांकेर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव राजेश तिवारी ने बिजली दरों में बढ़ोतरी, स्मार्ट मीटर लगाने और प्रस्तावित प्रीपेड व्यवस्था के विरोध में प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाने की घोषणा की।

शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने आंदोलन की रूपरेखा साझा की। पत्रकार वार्ता को राष्ट्रीय सचिव राजेश तिवारी ने संबोधित किया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बसंत यादव समेत पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

1 अगस्त से शुरू होगा चरणबद्ध जनआंदोलन

राजेश तिवारी ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर 1 अगस्त से पूरे प्रदेश में चरणबद्ध जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। पहले चरण में सभी जिलों में पत्रकार वार्ता के माध्यम से बिजली दरों में बढ़ोतरी का विरोध दर्ज कराया जाएगा।

2 अगस्त से घर-घर चलाया जाएगा अभियान

उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में 2 अगस्त से कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर के विरोध में आवेदन भरवाएंगे। साथ ही बिजली दर वृद्धि वापस लेने की मांग को लेकर जनसमर्थन जुटाया जाएगा। यह अभियान दो महीने तक चलेगा। इसके बाद सभी आवेदन बिजली विभाग के कार्यालयों में जमा किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री निवास का घेराव भी किया जाएगा।

भाजपा सरकार पर लगाया आर्थिक बोझ बढ़ाने का आरोप

राजेश तिवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार बिजली दरों में वृद्धि कर आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। उनका कहना था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में अधिक आ रहे हैं।

प्रीपेड व्यवस्था पर जताई चिंता

तिवारी ने कहा कि स्मार्ट मीटर को रिचार्ज आधारित (प्रीपेड) प्रणाली में बदलने की तैयारी की जा रही है। ऐसी व्यवस्था लागू होने पर उपभोक्ताओं को मोबाइल की तरह पहले रिचार्ज कराना होगा। रिचार्ज समाप्त होते ही बिजली आपूर्ति बंद होने की आशंका रहेगी, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार सबसे अधिक प्रभावित होंगे।

‘बिना सहमति स्मार्ट मीटर लगाना जनहित के खिलाफ’

उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर लगाना और उन्हें प्रीपेड व्यवस्था में बदलना जनहित के खिलाफ है। कांग्रेस इस फैसले का हर स्तर पर विरोध करेगी।

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