बिलासपुर में डिप्टी सीएम और खेल मंत्री अरुण साव बुधवार को पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों पर भड़क गए। इंस्पेक्शन के दौरान उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा, “काम करना है या नहीं? पहले जांच क्यों नहीं हुई? 2017 से काम अधूरा पड़ा है। यह कोई काम करने का तरीका है क्या? मजाक कर रहे हैं या नौकरी?”
दरअसल, अरुण साव ने बहतराई स्थित स्वर्गीय बीआर यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र का सरप्राइज इंस्पेक्शन करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने हॉकी स्टेडियम की अधूरी गैलरी, फंड मिलने के बाद भी मैपलवुड लगाने में देरी और मरम्मत कार्यों में लापरवाही देखी।
इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा, “ईई साहब, आपका सुपरविजन कैसा है? इतने साल बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। अगर समय पर निगरानी होती तो यह स्थिति नहीं बनती।”
करीब 10 साल पहले बने इस खेल प्रशिक्षण केंद्र में अब भी कई काम अधूरे हैं। निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर डिप्टी सीएम ने नाराजगी जताई और अधिकारियों को जल्द सभी काम पूरे करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अच्छी खेल सुविधाएं देना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डिप्टी सीएम बोले- दोबारा आऊंगा, दिक्कत में पड़ेंगे आप लोग
डिप्टी सीएम अरुण साव ने पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता बीबीएस गौतम को सभी लंबित काम जल्द पूरा करने के लिए संयुक्त बैठक बुलाकर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 दिनों के भीतर सभी निर्माण और मरम्मत कार्यों की प्रगति रिपोर्ट सौंपी जाए।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि हर काम की खुद जांच कीजिए और 15 दिन में रिपोर्ट दीजिए। मैं दोबारा निरीक्षण के लिए आऊंगा। अगर काम में लापरवाही मिली तो आप लोगों दिक्कत में पडेंगे।
सिर झुकाए रहे अफसर
अरुण साव ने हॉस्टल की स्थिति की जानकारी लेने के बाद नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से पैसा मिलने के बावजूद जरूरी मरम्मत और रखरखाव के काम समय पर नहीं हो रहे हैं, इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उन्होंने इंडोर स्टेडियम में मैपलवुड फ्लोरिंग का काम साल 2017 में शुरू होने के बाद भी पूरा नहीं होने पर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को फटकार लगाई। डिप्टी सीएम ने कहा कि इतने सालों तक काम अधूरा रहना गंभीर लापरवाही है।
अरुण साव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण और मरम्मत कार्य तय समय में और अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। साथ ही कामों की नियमित निगरानी भी की जाए।