छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में रविवार शाम धर्मांतरित बुजुर्ग महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद हो गया। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं और कुछ ग्रामीणों ने ईसाई रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किए जाने पर आपत्ति जताई।
मामला भखारा थाना क्षेत्र के रांवा-कुर्रा गांव का है। विवाद की सूचना मिलने के बाद काफी देर तक समझाइश का दौर चला। इसके बाद परिवार हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करने के लिए सहमत हो गया। सहमति बनने के बाद मामला शांत हुआ।
1 साल पहले परिवार ने अपनाया ईसाई धर्म
जानकारी के मुताबिक, महिला का नाम सोनबती यादव (80) था। परिवार ने करीब एक साल पहले ईसाई धर्म अपना लिया था। रविवार शाम सोनबती की मौत हो गई। इसके बाद परिवार ईसाई रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था।
महिला की मौत की जानकारी मिलते ही मौके पर ग्रामीणों और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई। उन्होंने ईसाई रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करने का विरोध किया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
समझाइश के बाद बनी सहमति
पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया। काफी देर तक चली समझाइश और विरोध के बाद बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से किए जाने पर सहमति बनी। इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
अंतिम संस्कार के बाद गांव में तनाव
घटना के बाद कुछ समय तक गांव में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी रखी। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल गांव में स्थिति शांतिपूर्ण है।
हिंदू जागरण मंच ने जताई आपत्ति
हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता डाकेश्वर साहू ने बताया कि सोनबती यादव ने ईसाई धर्म अपना लिया था। उनकी मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर गांव में विवाद की स्थिति बनी। ग्रामीणों ने महिला का अंतिम संस्कार गांव की परंपरा और हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार करने की मांग की थी।
पुलिस ने ग्रामीणों से की बातचीत
भखारा थाना प्रभारी अरुण साहू ने बताया कि रांवा-कुर्रा गांव में विवाद की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत की। गांव के बड़े-बुजुर्गों ने परिवार के साथ बैठक कर आपसी सहमति बनाई। इसके बाद महिला का अंतिम संस्कार किया गया। फिलहाल गांव में शांतिपूर्ण माहौल है।