छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिक्षा विभाग की ओर से खरीदी गई कुर्सियों को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि GeM पोर्टल के जरिए 200 रुपए की कुर्सी 2000 रुपए में खरीदी गई।
इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने सोशल मीडिया पर फैलाई गई जानकारी पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि विभाग ने 200 रुपए वाली प्लास्टिक कुर्सी की कोई खरीद नहीं की है। 1500-1500 रुपए में 100 स्टील फ्रेम कुशन चेयर खरीदी गईं।
वहीं, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कांग्रेस के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि बिना जांच के इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है। बाजार में सामान्य कुर्सियों की कीमत भी हजार रुपए से अधिक होती है।
जानिए क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक दुर्ग शिक्षा विभाग ने अक्टूबर 2025 को कुर्सी खरीदी थी। इसके ठीक 9 महीने बाद यानी 16 जून 2026 को कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- ‘दुर्ग शिक्षा विभाग में GeM पोर्टल के जरिए 200 रुपए की कुर्सी 2000 रुपए में खरीदने का मामला भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार के पाल खोल रहा है।
एक तरफ जनता महंगाई से पिस रही है। दूसरी तरफ पारदर्शिता के नाम पर बनाए गए GeM पोर्टल के जरिए सरकारी खजाने को खुलआम लूटने का काम चल रहा है’।
DEO बोले- आरोप पूरी तरह गलत
जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई गई जानकारी पूरी तरह गलत और भ्रामक है। विभाग ने 200 रुपए वाली प्लास्टिक कुर्सी की कोई खरीद नहीं की है। 27 जून 2025 को कलेक्टर और आयुक्त ने जिला ग्रंथालय का निरीक्षण किया था। उस समय बैठने की व्यवस्था अपर्याप्त पाई गई, जिसके बाद अतिरिक्त कुर्सियों की खरीद का प्रस्ताव तैयार किया गया।