
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में भी ठगी के कई मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुजरात निवासी शुभम चौहान और साबले प्रेम विश्वास, महाराष्ट्र निवासी अनुज सेन और विक्की रांहगडाले के रूप में हुई है।पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देश पर रेंज साइबर थाना की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की। जांच के दौरान ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का एनालिसिस किया गया। इसी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
इन पीड़ितों के साथ आरोपियों ने की ठगी
पहले मामले में बलौदाबाजार जिले के पलारी निवासी डागेश चंद्राकर से शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा दिलाने के नाम पर 69 लाख रुपए की ठगी की गई थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने गुजरात के सूरत से शुभम चौहान और साबले प्रेम विश्वास को गिरफ्तार किया।
जांच में पता चला कि दोनों आरोपी फर्जी कंपनियां और फर्जी सिम का इस्तेमाल कर लोगों से अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवाते थे। इन खातों से जुड़े 20 से अधिक मामले कई राज्यों के थानों और साइबर सेल में दर्ज हैं।
दूसरे मामले में भाटापारा निवासी मुकेश विश्वकर्मा से 12 लाख रुपए की ठगी की गई थी। इस मामले में कटनी निवासी अनुज सेन को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया। आरोपी फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर अपने साथियों के साथ साइबर ठगी को अंजाम देता था।
वहीं, तीसरे मामले में मंदिर हसौद निवासी वेदप्रकाश बघेल से 34 लाख रुपए की ठगी की गई थी। जांच के दौरान महाराष्ट्र के गोंदिया निवासी विक्की राहंगडाले को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। वहीं, गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।