
पीड़ित डिलेश कुमार साहू (30) निवासी राजनांदगांव जिले के बारगांव ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि आरोपी वीरेंद्र साहू और उनकी पत्नी गामिनी साहू ने 13 दिसंबर 2021 को नौकरी का लालच देकर उनसे 2 लाख रुपए लिए थे। हालांकि, उन्हें न तो नौकरी मिली और न ही उनका पैसा वापस किया गया।
पूछताछ के बाद पुलिस ने उठाया
शिकायत के आधार पर भाटापारा शहर थाने में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक स्टेटमेंट, ऑनलाइन आवेदन की रसीदें और गवाहों के बयान जुटाए। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने ठगी की बात कबूल कर ली, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया।
दोनों रायपुर में रह रहे थे
पुलिस के अनुसार, आरोपी मूलतः भाटापारा के रहने वाले हैं, लेकिन हाल के दिनों में रायपुर में रह रहे थे। उन्होंने पीड़ित को नौकरी के फर्जी दस्तावेज दिखाकर और कंपनी में सिफारिश का झांसा देकर फंसाया था। जब पीड़ित को नौकरी नहीं मिली और उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो दंपत्ती टालमटोल करते रहे।
इस मामले में थाना भाटापारा शहर प्रभारी अमित पाटले ने बताया कि आरोपियों ने संभवतः इसी तरह कई लोगों से भी ठगी की है। पुलिस ने संभावित पीड़ितों से भी आगे आकर सूचना देने की अपील की है। साथ ही, पुलिस ने आम जनता से आग्रह किया है कि नौकरी के नाम पर बिना पुष्टि के किसी को भी पैसे न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें।