गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कई स्कूल भवन जर्जर हालत में हैं। इससे बच्चों के साथ शिक्षकों को भी परेशानी हो रही है। पेंड्रा ब्लॉक की प्राथमिक शाला घघरा का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। हादसे के खतरे को देखते हुए स्कूल की कक्षाएं अब ग्राम पंचायत भवन में लगाई जा रही हैं।
पंचायत भवन में पढ़ाई के लिए सिर्फ एक कमरा उपलब्ध है। ऐसे में पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों को खुले शेड में बैठकर पढ़ना पड़ रहा है। वहीं तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा के बच्चों को एक ही कमरे में एक साथ बैठाकर पढ़ाया जा रहा है।
शिक्षकों का कहना है कि एक कमरे में तीन कक्षाओं को एक साथ पढ़ाना बेहद मुश्किल है। ऐसी स्थिति में बच्चों को अलग-अलग विषय और कक्षा के हिसाब से पढ़ाना संभव नहीं हो पाता। इससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित हो रही है और फिलहाल बच्चों को सामूहिक रूप से पढ़ाना पड़ रहा है।
जर्जर भवन के कारण बदली व्यवस्था
स्कूल भवन की हालत खराब होने के बाद बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। लेकिन पंचायत भवन में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण अब बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दो नए कमरों का प्रस्ताव तैयार
जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। जिले के जर्जर स्कूल भवनों के लिए प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं। घघरा प्राथमिक शाला के लिए VB-RAMG योजना के तहत दो अतिरिक्त कमरों का प्रस्ताव तैयार किया गया है।