छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस चुनाव में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव अभी जारी है, लेकिन एक पद का नतीजा पहले ही तय हो गया है। हनी परमीत सिंह बग्गा प्रदेश उपाध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं।अल्पसंख्यक वर्ग के लिए निर्धारित श्रेणी में बग्गा के साथ गुलजेब अहमद ने भी प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया था, लेकिन उम्र सीमा में फिट नहीं बैठने के कारण उनका नामांकन रद्द हो गया। इसके बाद बग्गा के लिए उपाध्यक्ष पद का रास्ता साफ हो गया।
यानी प्रदेश अध्यक्ष कौन बनेगा, इसका फैसला चुनाव के बाद होगा, लेकिन हनी बग्गा का यूथ कांग्रेस की प्रदेश टीम में उपाध्यक्ष के तौर पर पहुंचना तय हो चुका है।
यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष समेत विभिन्न पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया 30 अगस्त से शुरू हुई है। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए शुरुआत में 19 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। जांच के दौरान अधिक उम्र होने के कारण आदित्य भगत का नामांकन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद अध्यक्ष पद की दौड़ में 18 प्रत्याशी रह गए।
अल्पसंख्यक वर्ग के लिए निर्धारित श्रेणी में हनी परमीत सिंह बग्गा और गुलजेब अहमद ने नामांकन दाखिल किया था। जांच में गुलजेब अहमद निर्धारित आयु सीमा में फिट नहीं पाए गए। उनका नामांकन रद्द होने के बाद बग्गा इस श्रेणी में अकेले उम्मीदवार रह गए और निर्विरोध उपाध्यक्ष निर्वाचित हो गए।
अध्यक्ष पद पर चेलक-बंजारे के बीच मुख्य मुकाबला
प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव में सत्येंद्र चेलक और शैलेंद्र बंजारे के बीच मुकाबला सबसे ज्यादा चर्चा में है। दोनों के समर्थक सदस्यता अभियान और ऑनलाइन वोटिंग के दौरान अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।
प्रदेशभर में 30 अगस्त से सदस्यता अभियान और ऑनलाइन मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सदस्यता अभियान करीब एक महीने चलेगा। इसके बाद वोटिंग और चुनावी प्रक्रिया के आधार पर प्रदेश अध्यक्ष समेत अन्य पदों के नतीजे सामने आएंगे।
चुनाव पूरा होने से पहले ही एक पद का नतीजा
इस चुनाव की सबसे दिलचस्प बात यही है कि प्रदेश अध्यक्ष के नतीजे का इंतजार अभी बाकी है, लेकिन प्रदेश उपाध्यक्ष का एक पद पहले ही तय हो गया। हनी बग्गा का अध्यक्ष पद के लिए प्रदर्शन या अंतिम परिणाम चाहे जो हो, वे निर्वाचित प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में यूथ कांग्रेस की प्रदेश टीम में बने रहेंगे। यानी अध्यक्ष की कुर्सी के लिए मुकाबला जारी है, लेकिन उपाध्यक्ष की एक कुर्सी पर चुनाव खत्म होने से पहले ही फैसला हो चुका है।