दुर्ग में स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा A/H1N1 संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जिले में 4 नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही अब तक जिले में H1N1 के कुल 17 पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। CMHO कार्यालय के अनुसार, 1 सितंबर तक इन मामलों की पुष्टि हुई है।
वर्तमान में 9 मरीज एक्टिव हैं। इनमें 7 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जबकि 2 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, सभी एक्टिव मरीजों की स्थिति फिलहाल सामान्य है।
नए मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आए लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग की जा रही है। इसके साथ ही संक्रमित मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग भी की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जिले में H1N1 के कुल 17 पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इनमें से 9 मरीज फिलहाल एक्टिव हैं। 7 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है, जबकि 2 मरीजों को डॉक्टरों की निगरानी में घर पर ही रखा गया है।
सभी की स्थिति सामान्य होने की जानकारी दी गई है। मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों से मिलने वाली जानकारी पर भी लगातार नजर रख रहा है। किसी अस्पताल में नया पॉजिटिव मरीज मिलने पर इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को देने के निर्देश हैं।
बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सावधानी
स्वास्थ्य विभाग ने कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। इनमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। ऐसे लोगों में इन्फ्लुएंजा संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है, इसलिए शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी गई है।
H1N1 के शुरुआती लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार जैसे हो सकते हैं। बुखार, खांसी, गले में खराश, बदन दर्द और सर्दी जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। यदि बुखार और खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी हो रही हो तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
विभाग ने शुरू की कांटेक्ट ट्रेसिंग
स्वास्थ्य विभाग का फोकस अब केवल संक्रमित मरीजों के इलाज तक सीमित नहीं है। नए पॉजिटिव केस सामने आने पर मरीज के संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद उनकी भी निगरानी की जा रही है, ताकि संक्रमण की कड़ी को समय रहते पहचाना जा सके।
H1N1 संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली सांस की बूंदों के जरिए दूसरे लोगों तक पहुंच सकता है। इसलिए बंद और भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।