कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने खनन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर डीएमएफ मद से बन रहे आंगनबाड़ी, स्कूल और पीडीएस भवनों का निरीक्षण किया

Chhattisgarh Crimesकोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने खनन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर डीएमएफ मद से बन रहे आंगनबाड़ी, स्कूल और पीडीएस भवनों का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण कार्यों में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं।

जनपद पंचायत कटघोरा के ग्राम जेंजरा में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को सरिया की गुणवत्ता पर संदेह हुआ। उन्होंने सीढ़ी मंगवाकर सब इंजीनियर रामकुमार पोर्ते से स्लैब में लगे सरिया की जांच कराई।

सब इंजीनियर ने 8 एमएम का सरिया लगाए जाने की जानकारी दी थी, लेकिन जांच में कई जगह 6 एमएम का सरिया मिला। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए पंचनामा तैयार कर एफआईआर दर्ज करने और सब इंजीनियर को निलंबित करने के निर्देश दिए।

स्कूल की टाइल्स और पीडीएस भवन की नींव में भी खामी

जेंजरा में निर्माणाधीन स्कूल भवन के फर्श पर लगी टाइल्स भी तय मापदंड के अनुरूप नहीं मिलीं। कलेक्टर ने टाइल्स की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। वहीं ग्राम सलोरा में निर्माणाधीन पीडीएस भवन की नींव जमीन के स्तर से काफी नीचे मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए जांच के निर्देश दिए।

अक्टूबर तक स्कूल भवन पूरा करने के निर्देश

कलेक्टर ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कटघोरा में आदिवासी विकास विभाग द्वारा बनाए जा रहे स्कूल भवन का भी निरीक्षण किया। निर्माण कार्य में देरी पर नाराजगी जताते हुए इसे अक्टूबर तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जेंजरा के पुराने आंगनबाड़ी भवन का भी निरीक्षण किया।

अटकी फाइलों और उपयोगिता प्रमाण पत्रों पर सख्ती

कलेक्टर ने जनपद पंचायत में लंबित फाइलों और उपयोगिता प्रमाण पत्रों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पूरे हो चुके कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र बेवजह नहीं रोके जाएं। इससे भुगतान और विकास कार्य प्रभावित होते हैं।

उन्होंने जनपद सीईओ को कर्मचारियों के कामकाज की जांच करने और फाइलें रोकने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। जेंजरा के उपयोगिता प्रमाण पत्र में देरी पर संबंधित बाबू का वेतन रोकने को भी कहा।

लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

कलेक्टर ने कहा कि डीएमएफ की राशि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए है। विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समय पर काम पूरा होना जरूरी है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।