छत्तीसगढ़ के सरगुजा में नवविवाहिता ने चूहे मारने की दवा खा ली। मंगलवार को अंबिकापुर के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 4-5 महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर परेशान करने और मारपीट का आरोप लगाया है।
परिजनों के मुताबिक, घटना से दो दिन पहले नवविवाहिता ने अपने पिता को मैसेज भेजा था। इसमें उसने लिखा था कि वह जीना नहीं चाहती और उसे सुकून से मरने दिया जाए। पिता ने बताया कि बेटी M.Sc. की पढ़ाई करना चाहती थी। ससुराल वालों की सहमति के बाद उसकी पढ़ाई आगे जारी रखने की बात तय हुई थी।
इधर, मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम और नायब तहसीलदार जयेश कंवर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पिता समेत परिजनों के बयान दर्ज किए। इस पूरे मामले में मायके पक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, अभी तक मारपीट की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। मामला मैनपाट थाना क्षेत्र का है।
पढ़िए सिलसिलेवार पूरी घटनाक्रम…
सूरजपुर के वार्ड क्रमांक 13 स्थित प्रगतिनगर निवासी वर्षा यादव (20) की शादी 1 मई 2026 को सामाजिक रीति-रिवाज से मैनपाट के लुरैना निवासी अजय यादव के साथ हुई थी। 18 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे वर्षा ने अपने पिता को वॉट्सऐप पर मैसेज भेजकर कहा कि वह जीना नहीं चाहती।
वॉट्सऐप पर मैसेज मिलने के कुछ समय बाद अजय यादव ने ससुर उमेश यादव को कॉल कर बताया कि वर्षा की तबीयत बिगड़ गई है। वह उसे लेकर मिशन हॉस्पिटल, अंबिकापुर जा रहे हैं। सूचना मिलने पर उमेश यादव अंबिकापुर पहुंचे। चूहा मारने की दवा खाने के बाद वर्षा की हालत बिगड़ गई थी।
उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया। 19 सितंबर को वर्षा ने पिता से कथित तौर पर कहा कि ससुराल वाले उसके साथ ठीक व्यवहार नहीं करते। इलाज के दौरान उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।
पिता ने कहा- बेटी को प्रताड़ित करते थे
नवविवाहिता की मौत की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद नायब तहसीलदार जयेश कंवर मौके पर पहुंचे और पिता समेत परिजनों के बयान दर्ज किए। वहीं, वर्षा के पिता उमेश यादव ने पुलिस को दिए बयान में ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और मारपीट के आरोप लगाए हैं।
उमेश यादव ने बताया कि 15 सितंबर को बेटी ने फोन कर अपनी परेशानी बताई थी। पिता के मुताबिक, वर्षा ने बताया था कि उसके साथ मारपीट की गई। उसके पति ने कथित तौर पर पेट पर चढ़कर उसका गला दबाने की कोशिश भी की।
वर्षा की बात सुनने के बाद पिता ने उसे समझाया था। उन्होंने बेटी से कहा था कि पति-पत्नी के बीच कभी-कभी छोटे-मोटे विवाद हो जाते हैं। वह जल्द ही दोनों से मिलकर बात करेंगे। परिवार को उस समय अंदाजा नहीं था कि मामला इतना गंभीर हो सकता है।