छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में लगातार बारिश से जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में लगातार बारिश से जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। गंगरेल बांध के 10 गेट खोलकर 54,950 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। रुद्री बैराज से भी महानदी में पानी छोड़ा जा रहा है।

वहीं, मुरुमसिल्ली साइफन डेम के सभी गेट खोल दिए गए हैं। पानी की बढ़ती मात्रा को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।

गंगरेल 98.14% और मुरुमसिल्ली 100% भरा

जिले के प्रमुख जलाशयों में गंगरेल बांध 98.14%, मुरुमसिल्ली 100%, दुधावा 97.21% और सोदूर बांध 88.18% भर चुका है। लगातार पानी की आवक को देखते हुए जलाशयों से पानी नदियों में छोड़ा जा रहा है।

गंगरेल में 64 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी की आवक

गंगरेल बांध में 64,117 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। इसके 10 गेट खोलकर 54,950 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें से रुद्री बैराज के जरिए 6,000 क्यूसेक पानी नहर में और 48,950 क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है।

मुरुमसिल्ली से 7,286 क्यूसेक पानी छोड़ा

मुरुमसिल्ली बांध में 7,465 क्यूसेक पानी आ रहा है। यहां से 7,286 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। वहीं, दुधावा बांध में 18,724 क्यूसेक पानी की आवक के बीच 16,606 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।

सोदूर के 5 गेट खोले, 16,402 क्यूसेक पानी छोड़ा

सोदूर बांध में 16,624 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। इसके 5 गेट खोलकर 16,402 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है। जलाशयों में पानी की आवक और जलस्तर को देखते हुए जरूरत पड़ने पर पानी छोड़ने की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है।

नदी किनारे गांवों में अलर्ट

जलाशयों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने से महानदी समेत संबंधित नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। इससे बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया है। ग्रामीणों और आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।