सुकमा जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर

Chhattisgarh Crimesसुकमा जिले में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। शबरी नदी का जलस्तर बढ़ने से झापरा पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। इसके चलते पुल पर आवागमन बंद कर दिया गया है।

पानी भरने से एक दर्जन से ज्यादा पंचायतों का सुकमा जिला मुख्यालय से सीधा संपर्क टूट गया है। वहीं, ओडिशा से आने-जाने वाला रास्ता भी बंद हो गया है।

स्थिति को देखते हुए झापरा पुल पर पुलिस बल तैनात किया गया है। जवान पुल के दोनों ओर निगरानी कर रहे हैं और लोगों को तेज बहाव के बीच पुल पार नहीं करने की सलाह दे रहे हैं। प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी है। आपात स्थिति में कोंटा SDM सुभाष शुक्ला से 9752806423 और तहसीलदार निधि प्रधान से 6263199166 पर संपर्क किया जा सकता है।

एर्राबोर में NH-30 पर पानी, मिसमा पुलिया भी डूबी

एर्राबोर में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर शुक्रवार सुबह पानी आने से यातायात प्रभावित हुआ। वहीं, सुकमा-दोरनापाल मार्ग पर मिसमा पुलिया के ऊपर भी रात में पानी ओवरफ्लो होने की सूचना मिली है। पुलिस ने वाहन चालकों से जलस्तर सामान्य होने तक इस रास्ते पर यात्रा से बचने की अपील की है। साथ ही तेज बहाव वाले स्थानों को पार नहीं करने की चेतावनी दी गई है।

शबरी नदी का जलस्तर वार्निंग लेवल से ऊपर

कोंटा में शबरी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार रात नदी का जलस्तर 40.68 मीटर दर्ज किया गया। यहां वार्निंग लेवल 40.50 मीटर और डेंजर लेवल 42 मीटर है। जलस्तर बढ़ने के कारण नदी के आसपास और निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से ऐसे क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।

निचले इलाकों से दूर रहने की अपील

प्रशासन ने निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से ऐसे स्थानों से दूर रहने को कहा गया है।

बारिश के कारण स्कूल बंद, कंट्रोल रूम सक्रिय

लगातार बारिश और जलभराव की आशंका को देखते हुए जिले के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। कलेक्टर अमित कुमार ने लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने और नदी-नालों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।

प्रशासन ने कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया है और संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। फिलहाल नदी-नालों के जलस्तर और संवेदनशील इलाकों की स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है।