
सितंबर में लगातार फोन कर और सोना-रुपए मांगने पर महिला को ठगी का अहसास हुआ। पति की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। तीनों आरोपियों के मोबाइल बंद हैं। पुलिस के मुताबिक फाफाडीह निवासी जसवंत परमार की पत्नी नैना के घर मार्च में तीन बाबा पहुंचे थे। उनकी भाषा राजस्थानी जैसी थी।
एक बाबा ने नैना की बीमारी और आंखों की परेशानी से जुड़ी कुछ बातें बताईं, जो सही निकलीं। इससे उन्हें भरोसा हो गया। बाबा ने पूजा से समस्या दूर करने का दावा कर सोने की अंगूठी और 9 हजार रुपए ले लिए। करीब 10-15 दिन बाद वह दोबारा पहुंचा और पूजा के लिए सोना मांगा। इसके बाद तीनों अलग-अलग समय पर आते रहे और चेन, हार व कंगन समेत करीब 15 तोला सोना ले गए। सितंबर में दोबारा मांग शुरू हुई, तब महिला ने पति को पूरी घटना बताई।
पहले भरोसा जीता फिर जेवर उड़ाए तीनों बाबाओं ने पहले बीमारी और आंखों की परेशानी से जुड़ी सही बातें बताकर महिला का भरोसा जीता। फिर पूजा से समस्या दूर करने का दावा कर अंगूठी और 9 हजार लिए। 10-15 दिन बाद दोबारा पहुंचे और 15 तोला सोना ले गए। किसी को बताने पर अनर्थ का डर भी दिखाया। सितंबर में जेवर मांगने पर ठगी का अहसास हुआ। राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल-उज्जैन में यही पैटर्न मिला है।