छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में मां-बेटी हत्याकांड मामले में स्पेशल कोर्ट द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद मुख्य आरोपी कुलदीप साहू को शनिवार को रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया है। अन्य दो आरोपियों चंद्रकांत चौधरी और फूल सिंह उर्फ रिंकू को शुक्रवार को ही रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया था।
सूरजपुर फास्ट ट्रेक कोर्ट ने 8 अक्टूबर को चारों आरोपियों को हत्या, रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत दोहरे मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई थी। अंबिकापुर सेंट्रल जेल में फांसी देने की व्यवस्था नहीं होने के कारण तीनों को रायपुर सेंट्रल भेजा गया है।
मामला 14 अक्टूबर 2024 का है। आरोपियों ने हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी और बेटी की हत्या कर दी थी। वारदात से पहले हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी से रेप किया गया। इसके बाद चाकू से उसकी हत्या कर दी गई। आरोपियों ने बेटी की भी धारदार हथियार से हत्या कर दी।
दोनों के शव घर से करीब 5 किलोमीटर दूर फेंक दिए गए थे। मामले की सुनवाई न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। 29 सितंबर को दोषी करार दिए जाने के बाद कोर्ट से बाहर निकलते समय मुख्य आरोपी कुलदीप साहू हंसता हुआ नजर आया था।
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 288 पेज के फैसले में कहा कि मां-बेटी के साथ अमानवीय, नृशंस और विभत्स अपराध अक्षम्य है। मुख्य आरोपी कुलदीप सिंह के कोर्ट से बाहर निकलते हुए ‘स्माइली गैस्चर’ पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपी पर पश्चाताप नहीं दिखा और वह समाज में वापस लौटने लायक नहीं है।
फास्ट ट्रेक कोर्ट द्वारा मुख्य आरोपी कुलदीप समेत 3 दोषियों को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद सूरजपुर पुलिस परिवार ने दिवाली मनाई। पुलिस परिवार ने दिये जलाए और पटाखे फोड़े।