छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान डेयरी संचालक ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। बुलडोजर कार्रवाई के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसका इलाज जारी है।
यह मामला मगरलोड थाना क्षेत्र के ग्राम छिपली का है। अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व, पंचायत और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गांव पहुंची थी। टीम ने मौके पर बने डेयरीनुमा ढांचे को हटाने की कार्रवाई शुरू की।
डेयरी संचालक ने कार्रवाई का विरोध किया था। इस दौरान टीम ने पहले बाउंड्रीवॉल को तोड़ा, फिर बिजली मीटर की लाइन काटी और वहां मौजूद 22 पशुओं को बाहर निकाला। कार्रवाई के कुछ समय बाद संचालक की हालत बिगड़ गई।
रिश्तदारों ने अचेत हालत में पाया
संचालक के बेटे धनेंद्र कुमार साहू ने बताया कि पिता चंपा लाल साहू (53) कार्रवाई के दौरान यह कहकर घर लौट गए थे कि वे घर जा रहे हैं। जब परिवार के अन्य सदस्य घर पहुंचे तो उन्होंने चंपा लाल को दरवाजे के पास अचेत अवस्था में पाया। उनके मुंह से झाग निकल रहा था।
अस्पताल में चल रहा इलाज
परिजनों ने तुरंत उन्हें मगरलोड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
20 साल से कर रहे थे पशुपालन
धनेंद्र कुमार साहू के मुताबिक, उनका परिवार पिछले करीब 20 सालों से उसी स्थान पर पशुपालन का काम कर रहा था। ग्रामीणों ने पशुपालन के लिए उन्हें जगह दी थी, जहां वे एक डेयरीनुमा मकान में 22 पशु रखकर अपना और परिवार का गुजारा करते थे।