दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल हो रहे म्यूल बैंक खातों के मामले में 7 खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई की है। आरोपियों ने 5 हजार से 15 हजार रुपए तक कमीशन के लालच में अपने बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और सिम कार्ड दूसरे लोगों को उपलब्ध कराए थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया गया। जांच में संबंधित खातों में लाखों रुपए से अधिक के संदिग्ध लेन-देन सामने आए हैं। कार्रवाई बुधवार को थाना सुपेला, खुर्सीपार और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने की।
पुलिस के मुताबिक, पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराध में म्यूल बैंक खातों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत बैंक खातों के लेन-देन, तकनीकी साक्ष्यों और विवेचना के आधार पर संदिग्ध खाताधारकों की भूमिका की जांच की गई। जांच में सामने आया कि खाताधारकों ने आर्थिक लाभ के लालच में अपने खाते दूसरे लोगों को इस्तेमाल करने के लिए दिए थे। इन खातों के माध्यम से ठगी की रकम प्राप्त करने और उसे आगे ट्रांसफर करने का काम किया गया।
सुपेला के 2 और खुर्सीपार के 5 खाताधारक शामिल पुलिस की कार्रवाई में थाना सुपेला क्षेत्र के फेडरल बैंक और उत्कर्ष बैंक से संबंधित 2 खाताधारक शामिल हैं। वहीं, खुर्सीपार क्षेत्र में इंडियन बैंक से संबंधित 5 खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने संबंधित खाताधारकों से जुड़े बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं।
पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेन-देन और उनसे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य ठगी की रकम के प्रवाह और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाना है।
ये 7 खाताधारक कार्रवाई के दायरे में सुपेला क्षेत्र से शुभम चौधरी (22), निवासी सुभाष नगर, नंदिनी रोड, छावनी और गुरमीत कौर, निवासी कृपाल नगर, कोहका के खिलाफ कार्रवाई की गई है। खुर्सीपार क्षेत्र से तरुण नायक (40), निवासी जोन-1 खुर्सीपार; निखिल नेताम (22), निवासी एसटीएफ कॉलोनी, बघेरा; यसमीत सिंह (22), निवासी शिवाजी नगर, खुर्सीपार; गौरव साहू (23), निवासी शंकर नगर, सद्भावना चौक और नरगिस, निवासी मछली मार्केट, जोन-2 खुर्सीपार शामिल हैं।