
वहीं, बंटवारा आदेश के बाद भी राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं होने पर तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा। इसी तरह सक्ती की एक राशन दुकान में शक्कर का निर्धारित मूल्य से ज्यादा पैसे लेने की शिकायत मिलने पर उन्होंने अफसरों से कहा सभी ग्रामीणों से लिए गए अतिरिक्त पैसे उन्हें वापस दिलाएं।
मुख्यमंत्री हेल्प लाइन में करीब तीन माह में अलग-अलग तरह 2 लाख 31 हजार शिकायतें आईं। इनमें से करीब 2 लाख का निराकरण कर दिया गया। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों का निराकरण किए बिना उन्हें पूरी बताने वाले अफसरों पर सख्त कार्रवाई होगी।
इसकी पड़ताल के लिए अचानक किसी भी शिकायतकर्ता को फोन लगाकर पूछा जाएगा कि उसकी समस्या वास्तव में सुलझी या नहीं। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अफसर के साथ पूरे सिस्टम की जवाबदेही तय होगी।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को नवा रायपुर के सीबीडी बिल्डिंग स्थित सीएम हेल्पलाइन 1076 के कार्यालय पहुंचे और कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी जिलों के कलेक्टरों से जुड़कर राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, नगरीय प्रशासन, पेयजल और बिजली समेत विभिन्न विभागों की शिकायतों की प्रकरणवार समीक्षा की।
बंटवारा आदेश पारित, रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं
मुख्यमंत्री ने कबीरधाम पिपरिया तहसील के छबील पाली से बैठक के दौरान ही फोन पर बात की। ग्रामीण ने बताया कि उन्होंने अप्रैल 2025 में सीमांकन के लिए आवेदन दिया था, लेकिन करीब डेढ़ साल बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह बिलासपुर पचपेड़ी तहसील के ग्राम कुकुलकाल में व्यास नाम के ग्रामीण ने बताया कि 2023 को बंटवारा आदेश पारित हो चुका था। इसके बावजूद आठ खसरों में से एक में तकनीकी त्रुटि के कारण रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं हुआ।