
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। वार्डवासियों का कहना है कि क्षेत्र की नालियां क्षतिग्रस्त हैं और कई जगहों पर नालियों के ऊपर लगे स्लैब टूट चुके हैं।
इसके अलावा जिला जेल के शौचालय टैंक के क्षतिग्रस्त होने से दूषित पानी बाहर निकलकर मोहल्ले और घरों तक पहुंच रहा है। इससे न केवल लोगों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि राहगीरों और स्कूली बच्चों के आवागमन में भी भारी दिक्कतें हो रही हैं।
स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे परिवार सहित जिला जेल या नगर निगम कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
महापौर का निरीक्षण और रेलवे लाइन से जल निकासी बाधित
इस मामले में महापौर रामू रोहरा ने बताया कि वे खुद क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं और लोगों को स्थिति से अवगत कराया गया है। रेलवे लाइन ऊंची होने के कारण पानी की स्वाभाविक निकासी बाधित हो गई है। पहले पानी खेतों और मेड़ों के रास्ते निकल जाता था, लेकिन अब निकासी का मार्ग लगभग बंद हो गया है।
स्थायी जल निकासी के लिए पाइपलाइन योजना और बजट स्वीकृति
महापौर ने बताया कि नगर निगम जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था बनाने के लिए प्रयासरत है। इसके तहत पाइपलाइन के माध्यम से पानी को नहर तक पहुंचाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
सरदार वल्लभभाई पटेल वार्ड में विकास और जलनिकासी कार्यों के लिए लगभग 1 करोड़ रुपए और जिला जेल परिसर के लिए करीब 80 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है।
जलभराव संभावित क्षेत्रों में तैयारी और वैकल्पिक व्यवस्था
रामू रोहरा ने कहा कि औद्योगिक वार्ड, आधारी नवागांव वार्ड, सुंदरगंज वार्ड और सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड ऐसे क्षेत्र हैं, जहां बारिश के दौरान जलभराव की आशंका अधिक है।
इसके लिए निगम ने टीमों का गठन किया है और जरूरत पड़ने पर जेसीबी मशीनों की मदद से पानी निकासी के वैकल्पिक रास्ते बनाए जाएंगे। समस्या का समाधान निकालने के लिए नगर निगम लगातार प्रयास कर रहा है।