सरगुजा जिले के तहसील मैनपाट अंतर्गत ग्राम केसरा में स्थित 3.46 हेक्टेयर सरकारी भूमि के राजस्व रिकार्ड में छेड़छाड़ कर उसे निजी नामों पर दर्ज कर दिया गया और जमीन भूमाफिया के नाम पर रजिस्ट्री कर दी गई। मामले में सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने भू-माफिया आजाद इराकी सहित पांच के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है।
जानकारी के मुताबिक, सरगुजा कलेक्टर को शिकायत मिली थी कि केसरा के खसरा क्रमांक 1378, रकबा 3.48 हेक्टेयर भूमि पूर्व को राजस्व अभिलेख में कुटरचना कर अवैध रूप से निजी व्यक्ति के नाम दर्ज करा लिया गया है। उक्त भूमि को किसी अन्य निजी व्यक्ति के पास रजिस्ट्री कर दी गई है। शिकायत की जांच का निर्देश कलेक्टर ने मैनपाट तहसीलदार को दिया था।
1995-96 के रिकार्ड में हुई छेड़छाड़
तहसीलदार मैनपाट ने उक्त जमीन के राजस्व रिकार्ड की जांच की। जांच प्रतिवेदन से यह स्पष्ट है कि 1954-55 के अधिकार अभिलेख का अंतिम खसरा नम्बर 650 है। अधिकार अभिलेख में खसरा नम्बर 1378 की प्रविष्टि पहली बार 1995-96 में राजस्व दस्तावेजों में की गई थी।
1954-55 के अधिकार अभिलेख में खसरा नंबर 1378 दर्ज कर उक्त जमीन को कूट रचना कर विजय सिंह आ. चन्द्रचरण सिंह के नाम पर दर्ज की गई। इस भूमि को विजय सिंह के मुख्तार आम दिलीप चिकवा तथा तुलेश्वर गुप्ता के द्वारा आजाद इराकी पिता रियाजुददीन इराकी, अनुपम कुमार सिंह पिता रामा शंकर सिंह को रजिस्ट्री कर बेच दिया गया।
बंदोबस्त वर्ष 1995-96 में भी खसरा नम्बर 1378 शासकीय भूमि के रूप में छोटे झाड़ जंगल मद में ही दर्ज है। इससे भी यह स्पष्ट है कि 1954-55 के अधिकार अभिलेख में निजी भूमि के रूप में खसरा नम्बर 1378 की प्रविष्टि कूट रचना कर की गई है।
शासकीय मद में दर्ज होगी जमीन
मामले की सुनवाई करते हुए कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार किसी भी तरह की वन भूमि का हस्तांतरण वन संरक्षण अधिनियम 1980 के प्रावधानों तथा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही हो सकता है।
अत: उपरोक्त प्रकरण में आजाद इराकी पिता रियाजुद्दीन इराकी निवासी जयनगर सहित कुल 5 क्रेता और विक्रेताओं के विरुद्ध तहसीलदार मैनपाट को FIR दर्ज कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया है। साथ ही राजस्व दस्तावेजों में अवैध प्रविष्टि को विलोपित कर उक्त जमीन को शासकीय मद में दर्ज करने का आदेश दिया गया है।