रायपुर नगर निगम ने शहर में अवैध नल कनेक्शनों के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें वैध करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया

Chhattisgarh Crimesरायपुर नगर निगम ने शहर में अवैध नल कनेक्शनों के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें वैध करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। हालांकि नियमितीकरण के लिए तय की गई शुल्क दरों को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं।

जानकारी के अनुसार, नया घरेलू नल कनेक्शन लेने पर जहां करीब 10 हजार रुपए का खर्च आता है, वहीं सालों से इस्तेमाल में रहे अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए उपभोक्ताओं को 20 हजार रुपए से ज्यादा का भुगतान करना होगा।

बता दें कि कांग्रेस के शासनकाल में यह राशि 600 रुपए थी। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवानी को कहना है कि सालों से पानी इस्तेमाल कर रहे आम परिवारों से एक साथ इतनी बड़ी राशि वसूलना सही नहीं है। इसी के साथ उन्होंने शुल्क दर कम करने की मांग की है।

90 हजार नल कनेक्शन रिकॉर्ड से बाहर

निगम के आंकड़ों के मुताबिक रायपुर में करीब 3.50 लाख संपत्तियां हैं, लेकिन निगम के रिकॉर्ड में केवल 2.21 लाख वैध नल कनेक्शन ही दर्ज हैं। यानी करीब 90 हजार संपत्तियों में ऐसे नल कनेक्शन हैं, जो निगम के रिकॉर्ड में नहीं हैं, लेकिन लंबे समय से पानी की सुविधा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

वहीं, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने बताया कि अवैध नल कनेक्शनों के कारण निगम को जलकर (वॉटर टैक्स) से मिलने वाले राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसे देखते हुए सभी जोन कार्यालयों को ऐसे कनेक्शनों की पहचान कर नियमितीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

15 जुलाई से 15 अक्टूबर तक मौका, फिर कटेंगे कनेक्शन

नगर निगम ने ‘एकमुश्त जलकर निपटान योजना’ लागू की है। इसके तहत 15 जुलाई से 15 अक्टूबर 2026 तक अवैध नल कनेक्शनों को वैध कराया जा सकेगा।

निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में आवेदन नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नियमितीकरण शुल्क का तीन गुना तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

घरेलू कनेक्शन वैध कराने के लिए 20,882 रुपए देने होंगे

योजना के तहत आधा इंच के घरेलू नल कनेक्शन के नियमितीकरण के लिए 5,000 रुपए नियमितीकरण शुल्क और 15,882 रुपए वैध कनेक्शन शुल्क देना होगा। यानी कुल 20,882 रुपए जमा करने होंगे।

वहीं आधा इंच के व्यावसायिक नल कनेक्शन के लिए 15,000 रुपए नियमितीकरण शुल्क और 15,882 रुपए कनेक्शन शुल्क मिलाकर कुल 30,882 रुपए जमा करने होंगे।

नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूरी राशि एकमुश्त जमा करनी होगी। इसके अलावा नल कनेक्शन को संबंधित संपत्ति की यूनिक आईडी से लिंक करना और निर्धारित प्रारूप में अनुबंध करना भी अनिवार्य होगा।

अंतिम मौका, इसके बाद होगी सख्त कार्रवाई

नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि जिनके नल कनेक्शन निगम के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं, वे इस योजना का लाभ उठाकर उन्हें वैध करा लें। निगम ने इसे अवैध नल कनेक्शनों को नियमित कराने का अंतिम अवसर बताया है।

अधिकारियों के अनुसार, योजना की अवधि समाप्त होने के बाद अवैध नल कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें काटने के साथ ही दंडात्मक कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।

20 हजार से ज्यादा शुल्क पर विपक्ष ने उठाए सवाल

योजना को लेकर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने नगर निगम प्रशासन और भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए महज 600 रुपए शुल्क लिया जाता था, जबकि अब लोगों से 20 हजार रुपए से अधिक वसूले जा रहे हैं।

तिवारी ने कहा कि सालों से पानी का उपयोग कर रहे सामान्य परिवारों पर एकमुश्त इतना बड़ा आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है। उन्होंने नियमितीकरण शुल्क कम करने और आम लोगों को राहत देने की मांग की है।