कवर्धा के नंदनी कुमान गांव में पांच आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की 6 सदस्यीय जांच टीम शुक्रवार को गांव पहुंची। टीम ने प्रभावित परिवारों और ग्रामीणों से मुलाकात कर बच्चों की मौत के कारणों, स्वास्थ्य सुविधाओं और पोषण व्यवस्था की जानकारी ली।
कांग्रेस ने सरकार और संबंधित विभागों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चला है। बच्चों की मौत के मुख्य कारणों की जांच अभी जारी है।
कांग्रेस की जांच टीम ने गांव पहुंचकर प्रभावित परिवारों से बात की। टीम ने यह जानने की कोशिश की कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें किस तरह का इलाज मिला और गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं की क्या स्थिति है। इसके साथ ही पोषण संबंधी योजनाओं और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ परिवारों तक पहुंच रहा था या नहीं, इसकी जानकारी भी जुटाई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आदिवासी इलाकों में बच्चों को समय पर इलाज, पर्याप्त पोषण और जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि बच्चों की मौत के पूरे मामले की जांच कराई जाए, ताकि असली कारणों का पता चल सके।
सरकार और विभागों पर लापरवाही का आरोप
जांच टीम ने बच्चों की मौत के मामले में सरकार और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अगर जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
टीम ने स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण व्यवस्था और सरकारी योजनाओं की स्थिति की भी जांच करने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि मामले में केवल औपचारिक कार्रवाई करने के बजाय मौतों के कारणों का पता लगाना और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।
विधानसभा में उठेगा मामला
कांग्रेस जांच टीम ने ऐलान किया कि बच्चों की मौत का मामला विधानसभा में उठाया जाएगा। इसके अलावा मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर राज्यपाल और राष्ट्रपति को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और स्वास्थ्य व पोषण व्यवस्था में कोई चूक हुई थी या नहीं।
जांच टीम में ये नेता शामिल रहे
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की जांच टीम में विधायक इंद्रशाह मंडावी, विधायक सावित्री मंडावी, विधायक जनक धुर्वे, विधायक हर्षिता स्वामी बघेल, पूर्व विधायक ममता चंद्राकर और जिला कांग्रेस कमेटी कवर्धा के अध्यक्ष नवीन जायसवाल शामिल रहे।
इनके अलावा मनीष शर्मा, गोपाल चन्द्रवंशी, आकाश केशरवानी, मेहुल सत्यवंशी, शिवेंद्र वर्मा, अमन वर्मा और राजा झरिया भी टीम में शामिल थे। सभी ने ग्रामीणों से बातचीत कर मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई।
मौत के कारणों की जांच जारी
संबंधित विभागों के अधिकारियों के मुताबिक, मौतों की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं है और इसकी जांच की जा रही है।