
पुलिस ने यह स्पष्टीकरण 23 अक्टूबर को सोशल मीडिया और कुछ समाचार पत्रों में प्रसारित खबरों के बाद दिया है। इन खबरों में गांजे के पौधे मिलने के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई नहीं करने और प्रशासनिक संरक्षण देने के आरोप लगाए गए थे।
पुलिस के मुताबिक, 14 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और नियमानुसार कार्रवाई की। जांच में गांजे के पौधे माजीसा राइस मिल की बाउंड्रीवॉल के बाहर स्थित भूमि पर पाए गए थे।
पुलिस ने बताया कि भूमि का स्वामित्व और मामले में संबंधित व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट करने के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया है। विभाग से जानकारी मिलने और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने कहा- पहले ही दर्ज कर लिया था अपराध
पुलिस के अनुसार, मामले में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई थी। इसकी जानकारी पुलिस विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड की गई थी। इसके बावजूद कुछ खबरों में पुलिस का पक्ष लिए बिना निष्क्रियता और दबाव में कार्रवाई नहीं करने संबंधी आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने इन आरोपों को भ्रामक बताते हुए आपत्ति जताई है।
अवैध गतिविधियों को संरक्षण नहीं दिया जाएगा: थाना प्रभारी
सिटी कोतवाली कोंडागांव के थाना प्रभारी सौरभ उपाध्याय ने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और किसी भी अवैध गतिविधि को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जानबूझकर झूठी या भ्रामक जानकारी प्रसारित करने में कानून का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।