शोक से शक्ति तक – छोटे भाई के निधन के बाद फिर मैदान में लौटे संजय नेताम, कहा – जल-जंगल-जमीन की लड़ाई रुकेगी नहीं

Chhattisgarh Crimesपूरन मेश्राम/गरियाबंद। जिला पंचायत सदस्य एवं जल-जंगल-जमीन बचाओ संघर्ष समिति के संरक्षक संजय नेताम के छोटे भाई अजय नेताम के आकस्मिक देहांत से पूरे नेताम परिवार और संघर्ष समिति से जुड़े हजारो कार्यकर्ताओं में गहरा दुख और शोक का माहौल था।पिछले कुछ दिनों से पूरा संगठन इस व्यक्तिगत क्षति के कारण मौन और शोक में था। अजय नेताम एक मिलनसार और जंगल-जमीन से जुड़े युवा के रूप में क्षेत्र में जाने जाते थे।

शोक को ताकत बनाकर फिर लौटे मैदान में

परिवार में शोक के बीच ही संरक्षक संजय नेताम ने समिति मुखियाओ एवं कार्यकर्ताओं को संदेश दिया है कि जीवन का चक्र चलता रहेगा,लेकिन जिस जल-जंगल-जमीन की लड़ाई को हम सबने मिलकर शुरूआत किया है,उसे रुकने नहीं देना है।

संजय नेताम ने कहा यह व्यक्तिगत दुख है,लेकिन क्षेत्र का दुख उससे बड़ा है। मेरे छोटे भाई का जाना अपूरणीय क्षति है, लेकिन मेरे हजारों आदिवासी भाई-बहन आज भी अपने जल-जंगल-जमीन और विस्थापन के सवालों से जूझ रहे हैं। हम शोक से निकलकर फिर से क्षेत्र के मुद्दों को शासन-प्रशासन तक पहुंँचाने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में समिति की बैठक बुलाकर USTR में नाइट कर्फ्यू,विस्थापन के बदले विकास की मांँग और वन विभाग की जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर फिर से जन-जागरण अभियान शुरू किया जाएगा।

समिति के सभी सदस्यों ने दिवंगत अजय नेताम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और इस दुख की घड़ी में संजय नेताम के साथ खड़े रहने का संकल्प लिया है।

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