मांग पूरी नही होने पर राज्य सरकार को अनिश्चतकालीन हड़ताल की चेतावनी दिया

Chhattisgarh Crimes Chhattisgarh Crimes Chhattisgarh Crimesआंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच का प्रांतीय स्तर पर एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन सफल रहा

पूरन मेश्राम/गरियाबंद। आंगनबाड़ी-कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच के नेतृत्व में लंबित 5 सूत्रीय मांँगों को लेकर 27अक्टूबर मंगलवार को अभनपुर बस स्टैंड में धरना सभा का कार्यक्रम किया गया सभा के पश्चात रैली अभनपुर शहर से होते हुए अनुविभागीय अधिकारी अभनपुर कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमति लक्ष्मी राजवाड़े एवं सचिव छत्तीसगढ़ शासन के नाम मांग पत्र अनुविभागीय अधिकारी को सौपा गया।

धरना सभा की अध्यक्षता प्रगतिशील आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की अध्यक्ष श्रीमति हेमा भारती ने किया,उन्होंने आगे कहा कि संयुक्त मंच का मानना है,कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं वर्षों से बच्चों के पोषण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल तथा शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुंँचाने की जिम्मेदारी निभा रही हैं।लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा और सम्मान जनक मानदेय नहीं मिल पाया है। काम का बोझ लगातार बढ़ने के बावजूद सामाजिक सुरक्षा की पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलने से महिला कर्मियों में नाराजगी है।मंच का प्रमुख मांग है,कि कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियमित किया जाए।
नियमितीकरण होने तक कार्यकर्ताओं को 30 हजार रुपये और सहायिकाओं को 25 हजार 500 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। इसके अलावा कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर तथा सहायिकाओं को कार्यकर्ता के पद पर सीधे पदोन्नति देने और पदोन्नति में उम्र की बाध्यता समाप्त करने की मांग की गई है।महिला कर्मियों ने समूह बीमा,पेंशन,ग्रेच्युटी और भविष्य निधि (पीएफ) जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है। सेवा के दौरान आकस्मिक मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति, सेवानिवृत्ति पर कार्यकर्ता को पांच लाख रुपये और सहायिका को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने तथा मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष मानदेय में एक हजार रुपये की वृद्धि करने की मांग किया,हेमा भारती ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए आगे कहा कि 27अक्टूबर का हड़ताल के बाद भी सरकार अगर हमारी मांग पूरी नही करती है,तो नये साल में अनिश्चित कालीन हड़ताल के लिए विवश होंगे,जिसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार होगी। सभा को हेमा भारती, रुक्मणी साहू,लक्ष्मि कोसले, दुर्गा यादव, हेमंत कुमार, आर एन यादव,लीला नारंग,खिलेश्वरी साहू,राजेस्वरी सोनी,शकुन्तला देवांगन, सुनीति ,अनिता चेलक,योगिता साहू,रेवती पाण्डेय,मालती साहू,अंजू सोनवानी एवं अन्य साथियों ने अपने विचार रखे।