बिलासपुर में पुलिस की कार्यप्रणाली को तकनीक से जोड़ने की दिशा में जिले में नई पहल हुई है। पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने सोमवार को रतनपुर थाने में जिले के पहले ई-मालखाने का उद्घाटन किया।
अब थाने में जब्त संपत्ति और सबूतों की पहचान बारकोड से की जा सकेगी। इससे जब्त माल का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने, उसकी पहचान करने और जरूरत पड़ने पर उसे तलाशने में आसानी होगी।
बारकोड से दर्ज होगा जब्त माल का रिकॉर्ड
रतनपुर थाने में शुरू हुए ई-मालखाने से जब्त सामान और सबूतों के प्रबंधन में तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। अब बारकोड के जरिए जब्त सामग्री की पहचान और रिकॉर्ड तक पहुंच आसान होगी। थानों में जब्त संपत्ति का सुरक्षित रखरखाव और उसका व्यवस्थित रिकॉर्ड पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।ऐसे में ई-मालखाने की व्यवस्था से इस प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इस मौके पर आईजी रामगोपाल गर्ग, डीआईजी रजनेश सिंह, एसडीओपी कोटा नुपुर उपाध्याय, आरआई भूपेंद्र गुप्ता, टीआई निलेश पांडेय समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
नवरात्रि में सुरक्षा व्यवस्था की सराहना
नवरात्रि के दौरान रतनपुर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने से सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रहता है। इस दौरान पुलिस ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में चेकिंग अभियान चलाया और बड़ी संख्या में कड़े व धारदार हथियार जब्त किए।
DGP ने त्योहार के दौरान पुलिस की सक्रियता और सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की। साथ ही एसएसपी रजनेश सिंह के प्रयासों की भी तारीफ की।
CSP कार्यालय और थाने का लोकार्पण
बिलासपुर प्रवास के दौरान DGP अरुण देव गौतम ने सिविल लाइन CSP कार्यालय और पचपेड़ी थाने का भी लोकार्पण किया। इन सुविधाओं से पुलिस के प्रशासनिक कामकाज और स्थानीय स्तर पर पुलिस व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इस दौरे में ई-मालखाने की शुरुआत और नए पुलिस भवनों का लोकार्पण जिले में पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहे। अब इन पहलों का असर थानों की रोजमर्रा की कार्यप्रणाली और पुलिस सेवाओं में किस तरह दिखाई देता है, यह महत्वपूर्ण होगा।