गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन शंखनाद के तहत जशपुर पुलिस ने 38 गौवंश से भरा छह चक्का ट्रक जब्त किया है। संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने झारखंड के लोहरदगा निवासी मोजामिल अंसारी (29) को गिरफ्तार किया। वहीं, पुलिस को देखकर भागने के दौरान ट्रक से कूदकर गंभीर रूप से घायल हुए गौतम कुमार भगत उर्फ चरकू की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने युवक की मौत के मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। तस्करी में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, 28 अक्टूबर को कंट्रोल रूम में सूचना मिली थी कि झारखंड पासिंग ट्रक क्रमांक JH-02-L-0355 में गौवंश को क्रूरतापूर्वक भरकर झारखंड की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन और एसडीओपी निमितेश सिंह के पर्यवेक्षण में पुलिस टीमों को कार्रवाई के लिए सक्रिय किया गया।
लोदाम और दुलदुला पुलिस ने ग्राम खटंगा के पास ट्रक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन की गति बढ़ाकर वहां से निकल गया। इसके बाद सिटी कोतवाली जशपुर की टीम को भी अलर्ट किया गया। तीनों थानों की संयुक्त टीम ने ग्राम काईकछार के पास नाकाबंदी की।
पुलिस को देखकर ट्रक में सवार लोग वाहन रोककर जंगल की ओर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर मोजामिल अंसारी को पकड़ लिया, जबकि अन्य आरोपी फरार हो गए।
ट्रक से कूदकर घायल हुआ युवक, अस्पताल में मौत
पुलिस के मुताबिक, तस्करों के साथ चल रही एक कार में सवार लोग रास्ते में पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे और फोन के माध्यम से ट्रक में सवार लोगों को इसकी जानकारी दे रहे थे। इसी दौरान गौतम कुमार भगत उर्फ चरकू ट्रक से कूद गया। गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस टीम उसे तत्काल जिला अस्पताल जशपुर लेकर पहुंची, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और घटनाक्रम में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही, इसकी जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा के मोरगा से लोड किए गए थे गौवंश
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में पता चला कि गौवंश कोरबा जिले के ग्राम मोरगा में ट्रक में लोड किए गए थे। इसके बाद उन्हें झारखंड के सिसई की ओर ले जाया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, गौवंश को रस्सियों से बांधकर ट्रक में ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। उनके लिए दाना-पानी की व्यवस्था भी नहीं थी। पूछताछ में परिवहन के एवज में तीन हजार रुपये दिए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस ने ट्रक सहित उसमें भरे 38 गौवंश को जब्त किया है। ट्रक के दस्तावेज नहीं मिलने की जानकारी भी पुलिस ने दी है। अब गौवंश के स्वामित्व, तस्करी के नेटवर्क और फरार आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
इन धाराओं में अपराध दर्ज, फरार आरोपियों की तलाश
मामले में सिटी कोतवाली जशपुर में छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क) एवं 11(1)(घ) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। तस्करी में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।