मनेंद्रगढ़ के करण राठौर हत्याकांड में न्यायालय ने 7 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, एक आरोपी प्रभात सोंधिया को बरी कर दिया गया है। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश यशवंत वासनिकर ने मामले में यह फैसला सुनाया।
यह घटना 5 सितंबर 2025 को मनेन्द्रगढ़ के स्टेशन रोड पर हुई थी। गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान विवाद हुआ था, जिसमें करण राठौर की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच कर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
सुनवाई के बाद 7 आरोपियों को उम्रकैद
पुलिस जांच के बाद मामला न्यायालय पहुंचा। सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एक आरोपी प्रभात सोंधिया को बरी कर दिया गया।
इन 7 आरोपियों को मिली आजीवन कारावास की सजा
- रितिक मिश्रा — पिता स्वर्गीय राजेन्द्र मिश्रा, उम्र 25 वर्ष
- सचिन जैन — पिता जय कुमार जैन, उम्र 43 वर्ष
- राशिद खान — पिता हुमायूं खान, उम्र 27 वर्ष
- अमन केवट — पिता राकेश केवट, उम्र 26 वर्ष
- भावेश पाटिल — पिता धनंजय पाटिल, उम्र 26 वर्ष
- सौनील मिश्रा — पिता राजेन्द्र मिश्रा, उम्र 21 वर्ष
- मो. अकरम — पिता मो. मियां, उम्र 28 वर्ष