
मूलत: बिहार के पटना के शैलेष रंजन 27 अक्टूबर को अंबिकापुर चावल लेने आए थे। पूरी रात अपनी निगरानी में उन्होंने ट्रक में माल लोड कराया। अगले दिन सुबह वह अपनी कार क्रमांक सीजी 10 एएन 3753 से ट्रक के पीछे-पीछे आ रहे थे।
झपकी आने पर खंभे से टकराई कार
कार सवार शैलेश सुबह करीब 9 बजे रतनपुर के ग्राम नेवसा स्थित ऋषि फ्यूल स्टेशन के पास पहुंचे थे। उनकी कार तेज रफ्तार में थी। इसी दौरान अचानक उनकी कार अनियंत्रित होकर खंभे से जा टकराई।
बताया जा रहा है कि थकान के कारण अचानक उन्हें झपकी आ गई, जिससे ये हादसा हो गया। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह डैमेज हो गया और सीने में गंभीर चोट लगने से शैलेष की मौके पर ही मौत हो गई।
भतीजे के फोन करने पर मिली मौत की खबर
मुंबई अंधेरी वेस्ट के मृतक के भतीजे आयुष हरीश सिन्हा ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 9:28 बजे उसने चाचा शैलेश रंजन के मोबाइल पर कॉल किया। तब किसी अनजान व्यक्ति ने फोन रिसीव किया।
उन्होंने बताया कि नेवसा के पास कार खंभे से टकरा गई है और चालक की मौत हो चुकी है। सूचना मिलते ही परिजन रतनपुर पहुंचे। मरच्यूरी में परिजनों ने शव की शिनाख्ती की। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा और पोस्टमार्टम की औपचारिकता पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस इस मामले में मर्ग कायम कर जांच कर रही है।