
जानकारी के अनुसार, तहसीलदार हितेष साहू और बीएमओ डॉ. गजानंद राठिया की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि ग्राम सकरलिया में बिना अनुमति के क्लीनिक चलाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और जांच की। जांच में पता चला कि एक मकान के कमरे में कई सालों से क्लीनिक चलाया जा रहा था।
टीम ने क्लीनिक संचालक उत्तम विश्वास से उनकी मेडिकल डिग्री और क्लीनिक का लाइसेंस मांगा, लेकिन वे कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। इसके बाद टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
नंदे क्लीनिक में भी मिलीं कई खामियां
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने धरमजयगढ़ के नंदे क्लीनिक की भी जांच की। इस दौरान क्लीनिक में कई तरह की खामियां मिलीं।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले यहां प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक की जांच की।
जांच में क्लीनिक का पंजीयन नहीं होने समेत कई अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया।
लगातार की जा रही क्लीनिकों की जांच
बीएमओ डॉ. गजानंद राठिया ने बताया कि करीब 10 दिन पहले डॉ. रचना नंदे के क्लीनिक में खामियां मिलने पर उसे सील किया गया था। वहीं, गुरुवार को ग्राम सकरलिया में एक कमरे में क्लीनिक चलाए जाने की सूचना मिली थी। जांच में संचालक के पास कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला, जिसके बाद क्लीनिक को सील कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि धरमजयगढ़ क्षेत्र में ऐसे क्लीनिकों की लगातार जांच की जा रही है। जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां कार्रवाई की जाएगी।