
यहां समापन के बाद जनसभा आयोजित की गई, जिसमें भाजपा नेताओं ने लोकतंत्र, राष्ट्रहित और विपक्ष की राजनीति से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
पदयात्रा की शुरुआत गौशाला मैदान से हुई। यहां से भाजपा कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे। सदर बाजार, घड़ी चौक और सिहावा चौक होते हुए पदयात्रा शांति वाटिका पहुंची। इस दौरान लोकतंत्र की रक्षा और राष्ट्रहित से जुड़े संदेश दिए गए। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ भी नारे लगाए।
भाजपा ने इस आयोजन के जरिए अपने राजनीतिक विचारों को आम लोगों तक पहुंचाने और कार्यकर्ताओं में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की।
जनसभा में नेताओं ने विपक्ष की राजनीति पर उठाए सवाल
शांति वाटिका में आयोजित जनसभा को कुरूद विधायक अजय चंद्राकर, छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडेय और कैबिनेट मंत्री एवं धमतरी जिला प्रभारी टंकराम वर्मा ने संबोधित किया। महापौर रामू रोहरा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
सभा में वक्ताओं ने देश में अराजकता और अशांति का माहौल बनाने के कथित प्रयासों पर चिंता जताई। भाजपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों, देश की व्यवस्था और राष्ट्रीय हितों के प्रति जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने विपक्ष की राजनीति पर सवाल उठाते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों को उठाया।
कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का प्रयास
भाजपा की इस पदयात्रा को पार्टी के राजनीतिक संदेश को आम लोगों तक पहुंचाने के अभियान के रूप में देखा जा रहा है। शहर के प्रमुख मार्गों से निकली पदयात्रा और उसके बाद हुई जनसभा के जरिए पार्टी ने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के साथ जनता के बीच अपने मुद्दे रखने की कोशिश की।