
अमेरिकी वित्त विभाग (यूएस ट्रेजरी) का आरोप है कि, रायपुर की एसबीएल एनर्जी ने सूडान के सैन्य नेटवर्क से जुड़ी संस्था टारगेट मल्टी एक्टिविटीज कंपनी (TMAC) को विस्फोटक और उससे संबंधित सामग्री की आपूर्ति की। विभाग के अनुसार इन सामग्रियों का इस्तेमाल सूडान में जारी संघर्ष के दौरान किया गया।
यूएस ट्रेजरी के मुताबिक एसबीएल एनर्जी कंपनी ने साल 2024 से अब तक TMAC को विस्फोटक और संबंधित सामग्री की 200 से अधिक खेप भेजी हैं। विभाग का दावा है कि यह सामग्री ऐसे नेटवर्क तक पहुंची, जो सूडान में चल रहे गृहयुद्ध को समर्थन दे रहे हैं।
कंपनी ने अमेरिकी आरोपों को बताया गलत
दरअसल, एसबीएल एनर्जी (पहले नाम अमीन एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड) डायनामाइट और TNT जैसे विस्फोटकों की सप्लाई करती है। अमेरिकी प्रतिबंध लगने के बाद कंपनी ने अपना पक्ष रखा है। सीईओ आलोक चौधरी ने कहा कि उनकी कंपनी किसी भी तरह के रक्षा उत्पाद या सेना में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक नहीं बनाती।
कंपनी ने बताया कि वह भारत सरकार से लाइसेंस प्राप्त औद्योगिक विस्फोटक बनाती है। इनका उपयोग खनन, सड़क और पुल जैसी निर्माण परियोजनाओं में किया जाता है।
2022 से अब तक सिर्फ 10 खेप भेजने का दावा
कंपनी के CEO ने अमेरिकी ट्रेजरी के आरोपों को गलत बताया। कंपनी का कहना है कि साल 2024 में 200 से ज्यादा खेप नहीं भेजी गईं। साल 2022 से अब तक सिर्फ 10 खेप में औद्योगिक विस्फोटकों की आपूर्ति की गई है।