नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में शासकीय जमीन पर पट्टा देने के लिए किए गए सर्वे की अनंतिम पात्र और अपात्र सूची जारी कर दी गई है। जोन क्रमांक 1 और 2 में सर्वे का काम पूरा होने के बाद यह सूची तैयार की गई है। संबंधित लोग 10 नवंबर तक सूची देखकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। यदि किसी का नाम गलत तरीके से अपात्र सूची में शामिल किया गया है या सर्वे में कोई जानकारी छूट गई है तो वह तय समय में दावा-आपत्ति कर सकता है।
कलेक्टर अभिजीत सिंह के आदेश पर शासन के निर्देशानुसार राजस्व निरीक्षकों और पटवारियों ने सर्वे किया है। इसके आधार पर 6 से 10 नवंबर 2026 तक अनंतिम सूची तहसील कार्यालय और जोन क्रमांक 1 एवं 2 के कार्यालयों में चस्पा की गई है। इसके अलावा संबंधित वार्डों के सार्वजनिक स्थानों पर भी सूची लगाई गई है, ताकि लोग आसानी से अपना नाम और पात्रता की स्थिति देख सकें।
जोन क्रमांक 1 के वार्ड 1, 3, 11, 12 और 13 तथा जोन क्रमांक 2 के वार्ड 14, 15, 21, 22 और 23 में सूची प्रदर्शित की गई है। इन वार्डों के रहवासी संबंधित जोन कार्यालय पहुंचकर सूची का अवलोकन कर सकते हैं। दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए दोनों जोन कार्यालयों में कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। इसके लिए 7 से 10 नवंबर तक का समय निर्धारित किया गया है।
2017 से पहले के दस्तावेज और 600 वर्गफीट से कम का मकान जरूरी पट्टा पाने के लिए पात्रता तय करने में दो प्रमुख आधार रखे गए हैं। हितग्राही के पास वर्ष 2017 से पहले का संपत्ति कर भुगतान संबंधी दस्तावेज, बिजली बिल या निवास प्रमाण होना चाहिए। इसके साथ ही संबंधित मकान का निर्मित क्षेत्रफल 600 वर्गफीट से कम होना जरूरी है। इन दस्तावेजों के आधार पर ही पट्टा देने की पात्रता की जांच की जाएगी। जिन लोगों के दस्तावेज अधूरे हैं या सर्वे के दौरान जानकारी सही दर्ज नहीं हुई है, वे दावा-आपत्ति के साथ जरूरी प्रमाण भी जमा कर सकते हैं।
दस्तावेजों की जांच के बाद जारी होगी अंतिम सूची निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभी जारी सूची अंतिम नहीं है। सर्वे के दौरान लोगों से मिली जानकारी और उनके उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर इसे तैयार किया गया है। दावा-आपत्तियां मिलने के बाद संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके बाद पात्र और अपात्र हितग्राहियों की संशोधित अंतिम सूची जारी होगी। जरूरी दस्तावेज नहीं देने या पात्रता की पुष्टि नहीं होने पर संबंधित व्यक्ति का नाम पात्र सूची से हटाकर अपात्र सूची में शामिल किया जा सकता है।
निगम अफसरों से कर सकते हैं संपर्क जोन क्रमांक 1 के सहायक राजस्व अधिकारी शशांक शेखर सिंह से और जोन क्रमांक 2 के सहायक राजस्व अधिकारी अर्पित द्विवेदी से संपर्क किया जा सकता है। निगम प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना सूची में अपना नाम जांच लें और किसी भी तरह की गलती होने पर 10 नवंबर तक जरूरी दस्तावेजों के साथ दावा-आपत्ति जमा करें।