
जांच के दौरान बैंक को दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली, जिसके बाद लोन आवेदन रद्द कर दिया गया। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस ने जांच कर आरोपी को गिरफ्तार किया और उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। यह मामला रानीतराई थाना क्षेत्र का है।6 जून 2026 को ग्राम पंचायत तेलीगुंडरा की सरपंच हुलेश्वरी साहू ने रानीतराई थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि गांव के रहने वाले धनेश्वर कुमार निर्मलकर ने करीब 1800 वर्गफुट जमीन का फर्जी पट्टा और पंचायत का नकली प्रमाण पत्र बनाकर दुर्ग के न्यू दीपक नगर स्थित आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड में होम लोन के लिए आवेदन किया है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर रानीतराई पुलिस ने धनेश्वर कुमार निर्मलकर (40) के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
जांच में खुली पोल
जांच के दौरान पुलिस ने पंचायत के रिकॉर्ड की जांच की और सरपंच समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए। जांच में पता चला कि जिस जमीन का पट्टा और पंचायत का प्रमाण पत्र लगाया गया था, वह पंचायत की ओर से कभी जारी ही नहीं किया गया था। दस्तावेजों पर लगी मुहर और जानकारी भी असली रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही थी।
पुलिस ने आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से भी आरोपी द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की कॉपी ली। कंपनी ने बताया कि जांच के दौरान दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने पर होम लोन का आवेदन पहले ही खारिज कर दिया गया था।