शहर की 10 राशन दुकानों में एक करोड़ से ज्यादा का चावल और शक्कर गायब है। राशन दुकानदारों ने सरकारी चावल व शक्कर को खुले बाजार में बेच दिया है। ऑनलाइन स्टॉक की जांच के दौरान ये खुलासा हुआ है। संबंधित इलाकों के खाद्य निरीक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने इन सभी दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले जून से अब तक चार राशन दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। इसमें जोरा, कुशालपुर, बीरगांव निगम और धरसींवा इलाके की दुकान शामिल हैं।
सुशासन तिहार के दौरान मिली राशन दुकानों के खिलाफ शिकायत करने के बाद ज्यादातर जगहों पर शिकायत सही पाई गई है। इन शिकायतों के आधार पर भी राशन दुकानों के पिछले छह महीने के स्टॉक की जांच की जा रही है। अभी तक सेरीखेड़ी, कोसमखुटा, गनौद और रायपुर की राशन दुकानों में 175 से 450 क्विंटल तक चावल का शार्टेज मिला है। अफसरों ने इन समितियों को कई बार नोटिस जारी कर चावल या उसकी रकम जमा करने के लिए कहा था। लेकिन अभी तक चावल और रकम जमा नहीं हुई है। इस वजह से इन दुकानदारों के खिलाफ भी एफआईआर कराने की तैयारी कर ली गई है।
राज्य सरकार की ओेर से इस साल पहले दो और बाद में तीन माह का चावल एक साथ बांटा गया है। चावल बांटने में जबरदस्त गड़बड़ी की गई है। जांच में पता चला है कि कई दुकानों में नान गोदाम से चावल नहीं पहुंचा और ऑनलाइन उसे बांटना दिखा दिया गया है। बाद में इसी चावल को बाजार में बेच दिया गया है। विभाग के अफसरों को जांच में इस तरह की कई गड़बड़ी मिली है। अब इस गड़बड़ी के आधार पर भी रिपोर्ट तैयार की गई है। इसमें ज्यादातर आउटर की राशन दुकानें हैं जहां से चावल की गड़बड़ी की गई है। दावा किया जा रहा है कि पांच माह के चावल बांटने में एक करोड़ से ज्यादा का चावल खुले बाजार में बेचा गया है। अभी इसकी जांच जारी है।
कहां कितना चावल कम मिला
- सेरीखेड़ी राशन दुकान (आईडी 442001044) में 450 क्विंटल चावल शार्टेज है।
- आरंग की कोसमखुंटा दुकान (आईडी 442003042) में 220 क्विंटल चावल कम।
- रायपुर की दुकान (आईडी 441001290 और 441001291) में 250 क्विंटल कम।
- आरंग के गनौद राशन दुकान में करीब 175 क्विंटल से ज्यादा चावल कम मिला है।
- आईडी 442001040 में 1250 क्विंटल और आईडी 442000149 में 385 क्विंटल कम।
- दुकान आईडी नंबर 442001059 में 300 क्विंटल से ज्यादा चावल का स्टाक कम मिला।
10 राशन दुकानों में लाखों का चावल और शक्कर कम मिला है। सभी की जांच पूरी हो गई है। कलेक्टर के आदेश पर ऐसे दुकानदारों पर एफआईआर कराई जा रही है। – भूपेंद्र मिश्रा, जिला खाद्य नियंत्रक