मुख्यमंत्री साय की अगुवाई में छत्तीसगढ़ सरकार का दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 3.0’ शुक्रवार और शनिवार (4-5 जुलाई) को IIM रायपुर में आयोजित होगा।

Chhattisgarh Crimesमुख्यमंत्री साय की अगुवाई में छत्तीसगढ़ सरकार का दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर 3.0’ शुक्रवार और शनिवार (4-5 जुलाई) को IIM रायपुर में आयोजित होगा। इस शिविर में मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्री शामिल होंगे। दो दिन तक सरकार की कार्यप्रणाली, सुशासन, नई तकनीक और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर मंथन होगा।

साथ ही आने वाले समय की प्राथमिकताओं और विभागों के बीच बेहतर तालमेल की रणनीति भी तैयार की जाएगी। सरकार का कहना है कि बदलते समय के साथ प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव जरूरी है।

इसी उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया जा रहा है, जहां मंत्रियों के साथ देश के अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ भी अपने अनुभव साझा करेंगे। इन सुझावों के आधार पर सरकार आगे की कार्ययोजना पर काम करेगी।

इन मुद्दों पर होगी चर्चा

शिविर में कृषि, ग्रामीण विकास, उद्योग, निवेश, पर्यटन, खेल, नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीक, सुशासन, संस्थागत सुधार, नेतृत्व विकास और जनता तक योजनाओं की बेहतर पहुंच जैसे विषयों पर अलग-अलग सत्र होंगे।

सरकार इन चर्चाओं के आधार पर विभागों के बीच बेहतर समन्वय और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का रोडमैप तैयार करेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का मतलब सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि समय के साथ खुद को बेहतर बनाते हुए जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना भी है।

उनका कहना है कि सरकार ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करना चाहती है, जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर परिणाम दिखाई दें। इस चिंतन शिविर में देश के अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों और प्रबुद्ध विद्वानों के अनुभवों को सुनने और उनसे सीखने का मौका मिलेगा।

लगातार तीसरे साल आयोजित हो रहा यह शिविर सुशासन को और प्रभावी, पारदर्शी और जनता से जुड़ा बनाने की दिशा में एक अहम पहल है। दो दिनों तक शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा होगी, ताकि प्रदेश में गुड गवर्नेंस को और मजबूत बनाया जा सके।

देश के बड़े विशेषज्ञ देंगे सुझाव

शिविर के पहले दिन आध्यात्मिक गुरु और मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास नेतृत्व और जीवन मूल्यों पर व्याख्यान देंगे। इसके बाद अभय करंदीकर नई तकनीक और भविष्य की शासन व्यवस्था पर अपने विचार रखेंगे। वहीं, डॉ. रमेश चंद कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर चर्चा करेंगे।

दूसरे दिन योग सत्र के बाद सुमन बिल्ला पर्यटन और सेवा क्षेत्र, शशांक मणि त्रिपाठी सार्वजनिक नीति और विकास, गगन नारंग नेतृत्व और उत्कृष्ट प्रदर्शन की संस्कृति, जबकि डॉ. विनय सहस्रबुद्धे सुशासन और जनकेंद्रित प्रशासन पर अपने अनुभव साझा करेंगे।

सरकार के मुताबिक इस चिंतन शिविर का मकसद सिर्फ चर्चा करना नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था में नवाचार बढ़ाना, फैसलों की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाना, विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाना और तकनीक की मदद से लोगों तक सरकारी सेवाएं तेजी से पहुंचाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार करना है।