छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में खाद की कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत 120 बोरी यूरिया जब्त किया गया। एक कृषि केंद्र का लाइसेंस निरस्त किया गया और चार को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
यह कार्रवाई खरीफ मौसम में किसानों को समय पर खाद-उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। जिला प्रशासन धमतरी ने कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सघन निरीक्षण अभियान चलाया है। कृषि विभाग की टीमें जिलेभर के उर्वरक विक्रय केंद्रों की लगातार निगरानी कर रही हैं।
धमतरी और विकासखंड स्तर पर गठित निरीक्षण दलों ने विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। मेसर्स वर्षा कृषि केंद्र, भानपुरी में जांच के दौरान अवैध रूप से 120 बोरी यूरिया उर्वरक का भंडारण पाया गया।
उर्वरक निरीक्षक ने तत्काल यूरिया जब्त कर उसके विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया है। उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लाइसेंस के बावजूद नहीं कर रहा था कारोबार, निरस्त
इसके अलावा, मेसर्स अशोक ट्रेडर्स की तरफ से उर्वरक लाइसेंस प्राप्त होने के बावजूद पिछले दो वर्षों से उर्वरक व्यवसाय का संचालन नहीं किया जा रहा था। इसे उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
इन्हें कारण बताओ नोटिस
हनुमान कृषि केंद्र (खरेंगा), उपकार ट्रेडर्स (कंडेल), पवन ट्रेडर्स (कंडेल) और अंजनेय कृषि केंद्र (झिरिया) में निरीक्षण के दौरान विभिन्न अनियमितताएं पाई गईं। इन प्रतिष्ठानों के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खरीफ सीजन में किसानों को खाद-बीज की कमी नहीं होने दी जाएगी। शासन और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से जिले में उर्वरकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि किसान समय पर खेती कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें।
प्रशासन ने दोहराया कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।