छत्तीसगढ़ के भिलाई नगर पालिक निगम ने सोमवार को अयप्पा नगर के आनंद विहार और उल्लास नगर क्षेत्र में करीब सवा एकड़ जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के भिलाई नगर पालिक निगम ने सोमवार को अयप्पा नगर के आनंद विहार और उल्लास नगर क्षेत्र में करीब सवा एकड़ जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई। इस दौरान अवैध मदरसा, अस्थायी मकान और अन्य निर्माणों को बुलडोजर से हटा दिया गया।

ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित इस जमीन पर गरीब लोगों के लिए मकान बनाए जाने थे, लेकिन 12 साल पहले यहां अवैध कब्जा हो गया।

कार्रवाई शुरू होने से पहले ही पुलिस ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया था। करीब 100 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। इसके अलावा आठ थाना प्रभारी, दो राजपत्रित अधिकारी, एसडीएम और कार्यपालिक दंडाधिकारी भी मौके पर मौजूद थे।

वहीं, करीब एक किलोमीटर के दायरे में लोगों और वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने लगभग तीन घंटे तक यह अभियान चलाया।इस कार्रवाई को लेकर पहले से ही क्षेत्र में चर्चा थी, लेकिन प्रशासन की कड़ी तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था के कारण पूरा अभियान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ। अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के बाद इस जमीन पर गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाए जाएंगे।

अब जानिए पूरा मामला

निगम अधिकारियों के मुताबिक, जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, वह कॉलोनी विकास के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षित की गई थी। नियम के अनुसार इस जमीन पर गरीब लोगों के लिए मकान बनाए जाने थे, लेकिन कुछ साल पहले यहां अवैध कब्जा हो गया।

धीरे-धीरे यहां अस्थायी निर्माण होने लगे और एक मदरसा भी चलने लगा। इसके अलावा आसपास कुछ मकान भी बन गए थे।

प्रशासन ने बताया कि समय के साथ यहां अतिक्रमण बढ़ता गया, जिससे इस जमीन का इस्तेमाल अपने असली उद्देश्य के लिए नहीं हो पाया। अधिकारियों के अनुसार, अगर समय पर कार्रवाई नहीं की जाती तो यह पूरी जमीन पूरी तरह से निजी कब्जे में चली जाती।

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