
मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि, आज के समय में शिक्षकों के लिए टेक्नोलॉजी के साथ खुद को लगातार अपडेट रखना जरूरी है। नई पीढ़ी डिजिटल माध्यमों का ज्यादा इस्तेमाल कर रही है, इसलिए शिक्षक भी नई तकनीक सीखें और पढ़ाई में उसका इस्तेमाल करें। उन्होंने अलग-अलग विषयों को जोड़कर रिसर्च करने और पढ़ाने पर भी जोर दिया।
इस तरह की ट्रेनिंग मिलना अच्छी पहल
मालवीय मिशन टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर की डायरेक्टर प्रो. प्रीति के. सुरेश ने कहा कि नए शिक्षकों को नियुक्ति के तुरंत बाद इस तरह की ट्रेनिंग मिलना अच्छी पहल है। इससे उन्हें अपने करियर की शुरुआत में ही बेहतर तैयारी का मौका मिलेगा।
पहला फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम
कार्यक्रम के को-ऑर्डिनेटर डॉ. बृजेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि यह शैक्षणिक सत्र 2026-27 का पहला फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम है। एक महीने तक देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले विशेषज्ञ और अनुभवी शिक्षक विभिन्न विषयों पर सेशन लेंगे और प्रतिभागियों से अपने अनुभव साझा करेंगे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. बृजेन्द्र पाण्डेय ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।