गरियाबंद में आकाश कश्यप हत्याकांड मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी संरक्षण में लिया गया

Chhattisgarh Crimesगरियाबंद में आकाश कश्यप हत्याकांड मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी संरक्षण में लिया गया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि मीनाबाजार में मामूली कहासुनी अचानक हिंसक झगड़े में बदल गई।

इसके बाद आरोपियों ने युवक पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इससे पहले मृतक के घरवालों ने इसे हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। यह मामला मैनपुर थाना क्षेत्र का है।

29 जून को मैनपुर के मीनाबाजार में आकाश कश्यप का कुछ लोगों से मामूली विवाद हुआ था। रात होते-होते यह विवाद हिंसक हो गया। आरोपियों ने आकाश को लात-घूंसों और डंडों से बेरहमी से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

सूचना मिलने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में पुलिस ने मामले को हादसा बताया और हत्या का मामला दर्ज नहीं किया। परिजनों के लगातार विरोध और मांग के बाद मैनपुर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर क्राइम सीन को दोबारा तैयार कर घटना की जांच की।

घटना के अगले दिन आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मारपीट से मौत होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या में बदलते हुए संदिग्धों से पूछताछ शुरू की।

पूछताछ में आरोपियों ने मिलकर मारपीट करने की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किए गए दो लकड़ी के डंडे भी बरामद किए गए।

पुलिस ने इस मामले में देवकुमार निषाद (20), भीखम यादव (18), मनीष यादव (19), लक्की नेताम (19), लोकेश यादव (23) और डिगेंद्र निर्मलकर (18) को गिरफ्तार किया है। वहीं, एक 17 वर्षीय नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी गई है।

वहीं, जांच में पता चला है कि यह घटना पहले से बनाई गई किसी साजिश का हिस्सा नहीं थी। मामूली विवाद के बाद अचानक हुई मारपीट में युवक की जान चली गई। हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे कोई पुरानी दुश्मनी, आपसी रंजिश या कोई अन्य वजह तो नहीं थी।

मामले की जांच अभी जारी है और नए सबूत मिलने पर आरोपियों के खिलाफ अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र पटेल ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने सामूहिक रूप से मारपीट करने की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल दो लकड़ी के डंडे भी बरामद किए गए हैं। वहीं छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी संरक्षण में लिया गया है।

Exit mobile version