छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पति ने अपनी पत्नी को उसके बॉयफ्रेंड के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पति ने अपनी पत्नी को उसके बॉयफ्रेंड के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया। इसके बाद पति ने बॉयफ्रेंड का कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या कर दी।

दरअसल, युवक का आरोपी की पत्नी के साथ अफेयर था। दोनों की पहचान रॉन्ग नंबर पर हुई थी, जिसके बाद दोनों में बातचीत शुरू हुई। वो मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से महिला से मिलने धमतरी आया हुआ था। महिला ने उसे अपना रिश्तेदार बताकर घर में ठहराया था।

बुधवार रात महिला के पति ने दोनों को साथ देखा, जिसके बाद गुस्से में उसने मर्डर किया। घटना के बाद पत्नी गंभीर हालत में युवक को अस्पताल ले गई, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मामला केरेगांव थाना क्षेत्र के बाजार कुर्रीडीह गांव का है। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की जांच जारी है।

रॉन्ग नंबर वाले शख्स से हुआ अफेयर

पुलिस के मुताबिक, योगेंद्र सोरी (38) साइकिल स्टैंड का व्यापार करता है। वह पत्नी पूर्णिमा सोरी और 2 बच्चियों के साथ कुर्रीडीह गांव में रह रहा था।

दरअसल, पूर्णिमा सोरी की करीब एक साल पहले मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के दलौदा तहसील के रहने वाले शंकर सूर्यवंशी (40) से रॉन्ग नंबर के जरिए बातचीत शुरू हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। इसके बाद शंकर समय-समय पर पूर्णिमा से मिलने उसके गांव आता-जाता था।

रिश्तेदार बताकर घर में ठहराया

बताया जा रहा है कि करीब 15 दिन पहले पूर्णिमा अपनी दो बेटियों के साथ शंकर के घर मंदसौर भी गई थी। वहां 4-5 दिन रुकने के बाद वह वापस अपने गांव लौट आई थी।

पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई की शाम करीब 7 बजे शंकर एक बार फिर पूर्णिमा से मिलने उसके घर पहुंचा। पत्नी ने उसे रिश्तेदार बताकर घर में ठहराया। रात में सभी ने साथ बैठकर खाना खाया। इसके बाद घर के एक ही हॉल में पूर्णिमा, उसका पति योगेंद्र सोरी, दोनों बच्चे और शंकर सो गए।

पत्नी और बॉयफ्रेंड को साथ देखा तो काटा गला

रात करीब 3 बजे योगेंद्र सोरी की नींद खुली। तो उसने पत्नी पूर्णिमा और शंकर को आपत्तिजनक हालत में देखा। इस पर योगेंद्र भड़क गया। उसने कुल्हाड़ी से शंकर के गले पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। इस हमले में शंकर बुरी तरह घायल हो गया।

इसके बाद पूर्णिमा खुद गंभीर रूप से घायल शंकर को 108 एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।