
संगठनों का आरोप है कि मंदिर परिसर की उस नाली में, जहां गंदा पानी बहता है और कचरा जमा रहता है, ‘राम’ नाम अंकित ईंट लगाई गई है। उनका कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े प्रतीक का इस तरह इस्तेमाल करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाला है।
पुलिस से जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
शिकायत में मंदिर निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने, निर्माण से जुड़े दस्तावेजों और स्वीकृतियों की पड़ताल करने, जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय करने की मांग की गई है। संगठनों ने कहा कि जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए।
संगठनों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था की छवि खराब करना नहीं, बल्कि धार्मिक प्रतीकों का सम्मान बनाए रखना और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराना है। फिलहाल पुलिस को लिखित शिकायत सौंप दी गई है। हालांकि, इस मामले में FIR दर्ज होने या जांच शुरू किए जाने की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।