छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सोमवार को राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत समेत कांग्रेस विधायक चंदा चोरी के पोस्टर लेकर सदन पहुंचे। महंत ने आरोप लगाया कि रामभक्तों की आस्था के साथ धोखा हुआ है।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि यह विधानसभा और राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने स्थगन प्रस्ताव को छत्तीसगढ़ से संबंधित नहीं होने के कारण अस्वीकार कर दिया।
हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही पहले पांच मिनट के लिए स्थगित की गई। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नारेबाजी जारी रही। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के लोगों ने भी राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था, लेकिन उसमें डकैती पड़ गई। लगातार हंगामे के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।
प्रश्नकाल में डीएड-बीएड कॉलेज का मुद्दा गूंजा
इससे पहले प्रश्नकाल में भाजपा विधायक लता उसेंडी ने कोंडागांव स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में बीएड-डीएड पाठ्यक्रम संचालित नहीं होने और रिक्त पदों का मुद्दा उठाया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल किया।
जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि नई शिक्षा नीति प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लागू है। बीएड-डीएड कॉलेजों को लेकर टास्क फोर्स का गठन किया गया है और 13 महाविद्यालयों में इन्हें शुरू करने की संभावना है।
इससे पहले सदन में पद्म विभूषण तीजन बाई को श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने उनके योगदान को याद किया, जिसके बाद उनके सम्मान में सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित की गई।
पंडवानी से छत्तीसगढ़ को विश्व में पहचान दिलाई- सीएम
सत्र की शुरुआत तीजन बाई को श्रद्धंजलि देने के साथ हुई थी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले तीजन बाई का जीवन संघर्षों से भरा रहा। उन्होंने पंडवानी गायन से छत्तीसगढ़ को विश्वभर में पहचान दिलाई। उनकी कला आने वाली पीढ़ियों को प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का अवसर देती रहेगी।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि तीजन बाई हम सबके दिलों के करीब थीं। हम उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में सुनने जाते थे। उनके निधन से गहरा दुख हुआ है। उनके हुनर को पहचान दिलाने में राजीव गांधी की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस दौरान सदन की कार्यवाही तीजन बाई के सम्मान में 5 मिनट के लिए स्थगित की गई थी।