
पूरन मेश्राम/मैनपुर: विकासखंड मैनपुर के अत्यंत दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्र स्थित शासकीय हाई स्कूल लाटापारा के प्राचार्य गजानंद सोनवानी की प्रतिनियुक्ति के विरोध में जनआक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस संबंध में ग्राम पंचायत गौरगांव के सरपंच, ग्राम लाटापारा के ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय, मैनपुर पहुंँचकर ज्ञापन सौंपा तथा प्रतिनियुक्ति आदेश तत्काल निरस्त करने की मांग की।इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने भी बीईओ को पृथक ज्ञापन सौंपते हुए आग्रह किया कि लाटापारा विद्यालय की वास्तविक स्थिति से जिला प्रशासन एवं राज्य शासन को तत्काल अवगत कराया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम भी पत्र प्रेषित कर इस आदेश पर तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।

आगे नेताम ने कहा कि लाटापारा क्षेत्र पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। यदि वर्तमान प्राचार्य को बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए कार्यमुक्त किया जाता है,तो विद्यालय लगभग एकल शिक्षक व्यवस्था की स्थिति में पहुंँच जाएगा। इसका सीधा नुकसान गरीब, आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्र के विद्यार्थियों को होगा।

उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर शिक्षा पहुंँचाने की बात करती है,वहीं दूसरी ओर ऐसे क्षेत्रों से उपलब्ध शिक्षकों को हटाया जाना समझ से परे है। दूरस्थ क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय कमजोर करने वाले निर्णयों पर तत्काल पुनर्विचार होना चाहिए।संजय नेताम ने मांँग की कि प्राचार्य गजानंद सोनवानी की प्रतिनियुक्ति तत्काल निरस्त की जाए। यदि प्रतिनियुक्ति अपरिहार्य हो, तो पहले उनके स्थान पर समकक्ष प्राचार्य या शिक्षक की पदस्थापना सुनिश्चित की जाए। वैकल्पिक व्यवस्था होने तक उन्हें किसी भी स्थिति में कार्यमुक्त न किया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी कर प्रतिनियुक्ति आदेश को लागू किया गया, तो क्षेत्र की जनता, पालकगण एवं जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।इस अवसर पर गौरगांँव के सरपंच चिमन नेताम, उपसरपंच प्रतिनिधि सम्मत मंडावी,पूर्व शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष चरण ओटी,साधु राम नेताम उपस्थित थे।