छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन शून्यकाल में नकटी मामले को लेकर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों के मकानों पर की गई कार्रवाई मानवाधिकारों का उल्लंघन है। वहीं, सरकार ने नकटी बुलडोजर कार्रवाई को संवैधानिक बताया है।
सदन में इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार का मामला ध्यानाकर्षण के जरिए उठा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मामले में गिरफ्तार आईबी जवान का नाम सार्वजनिक नहीं करने और राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगाते हुए सरकार से जवाब मांगा।
महंत ने कहा कि 2 बाघों को मारकर 4 करोड़ रुपए कमाए गए और वन अधिकारी मुंह छिपाकर बैठे रह गए। वन मंत्री केदार कश्यप ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही। इसके साथ ही अमानक दवाइयों, खराब सड़कों का मुद्दा भी उठाया गया। फिलहाल आज की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।
नकटी मामले में विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव
नकटी मामले को लेकर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाकर आरोप लगाया कि गरीब परिवारों के मकानों पर की गई कार्रवाई मानवाधिकारों का उल्लंघन है। कांग्रेस ने कहा कि बुलडोजर कल्चर BJP शासित राज्यों में बढ़ रहा है। सरकार ने अपनी ही पार्टी के सांसद का मान नहीं रखा।
विपक्ष ने पूरे मामले पर सदन में चर्चा कर सरकार से जवाब मांगा। स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया, जिसके बाद विपक्ष ने गर्भगृह में जाकर नारेबाजी की। सभी कांग्रेस विधायक निलंबित कर दिए गए।
सरकार बोली- नकटी बुलडोजर कार्रवाई संवैधानिक
सदन में मंत्री टंकराम वर्मा ने नकटी में हुई बुलडोजर कार्रवाई को संवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि सभी अतिक्रमणकारियों को विधिवत नोटिस जारी किया गया था। कब्जा हटाने से पहले सभी को सूचना दी गई थी।
बेदखली की कार्रवाई न्यायालयीन प्रक्रिया और कानून के अनुरूप की गई। अतिक्रमणकारियों का पुनर्वास भी किया गया। कार्रवाई के दौरान किसी के घरेलू सामान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। यह कहना सही नहीं है कि तोड़फोड़ के दौरान क्षेत्र बारिश से प्रभावित था।