रायपुर में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर अक्सर होने वाले विवादों के बीच नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया

Chhattisgarh Crimesरायपुर में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर अक्सर होने वाले विवादों के बीच नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। हाईकोर्ट के आदेश के पालन में शहर के सभी 70 वार्डों में स्ट्रीट डॉग्स के लिए फीडिंग जोन तय कर दिए हैं। इन स्थानों पर सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं, जिससे लोग निर्धारित जगहों पर ही कुत्तों को खाना खिला सकें।

निगम अधिकारियों के मुताबिक, फीडिंग जोन का उद्देश्य पशु प्रेमियों और स्थानीय रहवासियों के बीच होने वाले विवादों को कम करना है। साथ ही आवारा कुत्तों के प्रबंधन और निगरानी को भी व्यवस्थित किया जा सकेगा।

नगर निगम ने जोन-1 से लेकर जोन-10 तक सभी वार्डों में स्थान चिन्हित किए हैं। इनमें बाजार, मैदान, तालाब, सामुदायिक भवन, मुक्तिधाम और खाली प्लॉट जैसी जगहों को फीडिंग जोन के रूप में तय किया गया है। निगम का कहना है कि इन स्थानों पर लोग आवारा कुत्तों को भोजन दे सकेंगे। इसके लिए आवश्यक सूचना बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं।

आवारा कुत्तों की शिकायतों पर भी होगी कार्रवाई

निगम ने स्पष्ट किया है कि आवारा कुत्तों से जुड़ी शिकायतों पर पहले की तरह कार्रवाई जारी रहेगी। शिकायत मिलने पर संबंधित क्षेत्र से कुत्तों को पकड़कर एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियमों के तहत उनकी जांच की जाएगी।

इसके तहत:

डी-वॉर्मिंग (कृमिनाशक उपचार)

एंटी रेबीज टीकाकरण

नसबंदी (बधियाकरण)

जैसी प्रक्रियाएं कराई जा रही हैं।

क्यों जरूरी पड़े फीडिंग जोन?

रायपुर के कई इलाकों में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर रहवासियों और पशु प्रेमियों के बीच विवाद की स्थिति बनती रही है। कई मामलों में शिकायतें भी निगम तक पहुंचीं। ऐसे में हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद निगम ने पूरे शहर में तय स्थान चिन्हित कर दिए हैं, ताकि भोजन कराने की व्यवस्था नियंत्रित और व्यवस्थित तरीके से हो सके।

अपने वार्ड का फीडिंग जोन कैसे जानें?

निगम के अनुसार सभी 70 वार्डों में फीडिंग जोन तय किए गए हैं। संबंधित वार्ड के सूचना बोर्ड और जोन कार्यालयों में इसकी जानकारी उपलब्ध है। नागरिक अपने क्षेत्र के जोन कार्यालय से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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