बलौदाबाजार पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में मुख्य आरोपी आशीष निर्मलकर को गिरफ्तार किया

Chhattisgarh Crimesबलौदाबाजार पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में मुख्य आरोपी आशीष निर्मलकर को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने आरोपी को बिलासपुर जिले के मेढ़रा गांव से पकड़ा। 17 वर्षीय पीड़िता को भी सकुशल बरामद कर उसका बयान दर्ज किया गया है।

आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया। यह मामला बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार चौकी क्षेत्र का है। 25 जून को सुबह करीब 10 बजे एक 17 वर्षीय नाबालिग बालिका अपने घर से लापता हो गई थी।

अपहरण का मामला दर्ज

परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद, प्रार्थी ने चौकी करहीबाजार में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध क्रमांक 550/2026, धारा 137(2) बी.एन.एस. के तहत अपहरण का मामला दर्ज किया था।

पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। चौकी प्रभारी करहीबाजार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी निगरानी, स्थानीय जानकारी और अन्य स्रोतों का उपयोग कर सघन तलाशी अभियान चलाया। कुछ ही दिनों में पुलिस ने बालिका को सकुशल ढूंढ निकाला।

बहाल – फुसला कर ले गया आरोपी,किया दुष्कर्म

जांच के दौरान, पीड़िता ने एक महिला पुलिस अधिकारी के सामने अपना बयान दर्ज कराया। उसने बताया कि आरोपी आशीष निर्मलकर (22) उसे बहला-फुसलाकर बिलासपुर जिले के ग्राम मेढ़रा (थाना संकरी) ले गया था।

हां उसने पीड़िता को एक किराए के मकान में रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने मामले में धारा 87, 64(1) बी.एन.एस. (दुष्कर्म) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 (नाबालिग से यौन शोषण) भी जोड़ीं।

आरोपी न्यायिक हिरासत में

आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने बिलासपुर जिले में दबिश दी। मेढ़रा गांव में घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसे शनिवार को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

SP ने कहा

पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने कहा कि जिले में महिलाओं और नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा, “अपराधी चाहे किसी भी जिले या दूरदराज के इलाके में छिपा हो, पुलिस उसे ढूंढकर न्याय के कटघरे में लाएगी।