
मृतका की पहचान सविता जायसवाल के रूप में हुई है, जिन्होंने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। प्रारंभिक तौर पर यह मामला संदिग्ध मौत के रूप में दर्ज किया गया था। हालांकि, पुलिस की गहन जांच और मृतका के मायके वालों के बयानों के बाद अत्याचार की बात सामने आई।
ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर महिला ने की आत्महत्या
जांच में पता चला कि शादी के बाद से ही सविता को उसके पति माखनलाल जायसवाल (38 वर्ष), ससुर भरतलाल जायसवाल (60 वर्ष) और देवर यशवंत जायसवाल (22 वर्ष) द्वारा लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी दुर्व्यवहार और अत्याचार से परेशान होकर सविता ने यह कदम उठाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देश पर कसडोल थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने सविता को प्रताड़ित करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने अपराध क्रमांक 624/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया।