
जानकारी के मुताबिक, ककनेसा में छुई मिट्टी की खदान है, जहां से आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में छुई मिट्टी निकालते हैं।
ग्राम गुरमुट्टी निवासी सविता बाई (35 साल) और गांव की अन्य तीन महिलाओं के साथ छुई मिट्टी निकालने के लिए ग्राम ककनेसा गई थी।
छुई मिट्टी निकालने के लिए बनाए गए सुरंग में घुसकर सविता और एक अन्य महिला छुई मिट्टी निकाल रही थी। इस दौरान सुरंग के ऊपर से मिट्टी धंसी जिसमें दो महिलाएं दब गईं।
ग्रामीणों ने मिट्टी हटा निकाला बाहर
साथ गई महिलाओं की चीख सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। एक महिला के शरीर का कुछ हिस्सा दबा था, जिसे ग्रामीणों ने तत्काल बाहर निकाल लिया। वहीं खदान के अंदर दबी सविता बाई को निकालने के लिए ग्रामीणों ने कुदाल और फावड़े से मिट्टी हटाना शुरू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद महिला को बाहर निकाला जा सका, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
ग्रामीण महिला को लेकर वाड्रफनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। दूसरी घायल महिला का उपचार हॉस्पिटल में किया जा रहा है। वाड्रफनगर एसडीओपी बाजी लाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच कर रही है।
असुरक्षित खदान के कारण हादसा
सरगुजा संभाग में छुई मिट्टी का उपयोग घरों की दीवारें पोतने के लिए उपयोग में लाई जाती हैं। सफेद रंग की छुई मिट्टी चिकनी होती है। इससे पहले भी छुई मिट्टी निकालने के दौरान कई हादसे हो चुके हैं।
ककनेसा में जहां हादसा हुआ, वहां छुई मिट्टी निकालने के लिए सुरंग बना दी गई थी। उपरी हिस्सा भारी होने के कारण आज छुई मिट्टी निकालने के दौरान दब गया, जिससे हादसा हुआ। यह ग्राम पंचायत ककनेसा के क्षेत्र में आता है।
सूचना पर वाड्रफनगर तहसीलदार अनुराग केरकेट्टा भी मौके पर पहुंचे और असुरक्षित ढंग से छुई मिट्टी निकालने पर रोक लगाने का निर्देश पंचायत प्रतिनिधियों को दिया है।