
मिली जानकारी के मुताबिक रतनपुर से पेंड्रा जाने वाले मार्ग पर बारीडीह के पास सड़क पर गाय, बैल और बछड़ों के झुंड बैठे थे। इसी दौरान रतनपुर की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार वाहन ने गायों को चपेट में ले लिया। हादसे के बाद ड्राइवर वाहन लेकर भाग निकला।
गौ सेवकों ने जताया विरोध, थाने में की शिकायत
मंगलवार की सुबह गौ सेवकों को घटना की जानकारी मिली। इसके बाद आक्रोशित गौ सेवक मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल गौवंशों को इलाज के लिए भेजा। इसके बाद मामले की शिकायत रतनपुर थाने में की। गौ सेवकों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
एसएसपी बोले- मवेशी मालिक और चालकों पर होगी कार्रवाई
वहीं बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि इस तरह से मवेशियों को सड़क पर छोड़ना मवेशी मालिकों की लापरवाही है। प्रशासन की तरफ से उन्हें मवेशियों को सुरक्षित रखने की हिदायत दी गई है। इसके बाद भी लोग मवेशियों को सड़क पर छोड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार पेट्रोलिंग करती है, जिस जगह पर हादसा हुआ है, वो रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर है, जो करीब 25 किलोमीटर दूर है। इस मामले में वाहन चालक की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मामले में ड्राइवर के साथ ही मवेशी मालिकों के खिलाफ भी एक्शन लेगी।
नेशनल हाईवे पर पहले भी हो चुके हैं हादसे
- रतनपुर के साथ ही सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के सिलपहरी नेशनल हाईवे पर सड़क किनारे बैठे मवेशियों को ट्रक ने कुचल दिया था।
- सिरगिट्टी चकरभाठा के बीच नेशनल हाईवे पर ट्रक ने सड़क किनारे बैठे 16 मवेशियों को कुचल दिया था। सभी की मौत हो गई थी।
- मस्तूरी-सीपत मार्ग पर सड़क किनारे बैठे मवेशियों को ट्रक ने कुचल दिया था। जिससे बड़ी संख्या में मवेशियों की मौत हुई थी।
- रतनपुर नेशनल हाईवे पर भैंस से टकराने से बाइक सवार युवक की मौत हो गई थी। वहीं, उसके पीछे बैठा युवक घायल हो गया।
हाईकोर्ट का आदेश भी बेअसर
बता दें कि बिलासपुर हाईकोर्ट ने सड़कों पर घूम रहे मवेशियों को हटाने के लिए राज्य शासन को आदेश जारी कर चुका है, लेकिन सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिसकी वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं।
तखतपुर-मुंगेली, कोटा रोड, मस्तूरी, चकरभाठा के साथ ही सीपत रोड़ में शाम ढलते ही सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा रहता है। लगातार हो रहे हादसों पर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है।
इस दौरान समय-समय पर राज्य सरकार और जिला प्रशासन को आदेश जारी किया गया है। जिसमें उन्हें सड़कों से मवेशियों को हटाने और निगरानी करने कहा था, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद जिला प्रशासन मवेशियों को हटाने ध्यान नहीं दे रहा।